बंगाल: अभिषेक के काफिले और मंत्री के वाहन पर हमले को लेकर चार और लोग गिरफ्तार 

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Edited By Amrit Vichar
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झारग्राम। तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के काफिले और मंत्री बीरबाहा हंसदा के वाहन पर हमले में कथित संलिप्तता को लेकर पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले में चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। जिला पुलिस के एक वरीष्ठ अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के कुर्मी समाज के अध्यक्ष राजेश महतो, आदिवासी जनजाति कुर्मी समाज के प्रदेश प्रमुख शिवाजी महतो समेत चार लोगों को इस मामले में शुरू में हिरासत में लिया गया था जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या अब आठ हो गई है। 

अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने इस मामले में राजेश महतो और उनके भाई राकेश, शिवाजी महतो और अनुभव महतो को गिरफ्तार किया है। उन्हें एक स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया है।’’ भाजपा के नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए आरोप लगाया, ‘‘सत्तारूढ़ तृणमूल कुर्मी संगठनों के नेताओं को निशाना बना रही है, जो हमले में किसी भी तरह से शामिल नहीं हैं।’’ 

अधिकारी ने कहा कि यदि वे उनसे संपर्क करते हैं, तो वह गिरफ्तार कुर्मी नेताओं को सभी तरह की विधिक सहायता उपलब्ध कराएंगे। पुलिस के मुताबिक, बनर्जी के काफिले पर कथित तौर पर तब पत्थर फेंके गए थे, जब वह झारग्राम शहर में रोड शो करने के बाद लोधासुली के पास गजमुल जा रहे थे। इस दौरान हंसदा के वाहन में तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने कहा कि कार की टूटी हुई विंडस्क्रीन के कांच के टुकड़े हंसदा को लगे और इससे उनका चालक भी घायल हो गया। काफिले के पीछे चल रहीं कई मोटरसाइकिलों और अन्य कारों में भी तोड़फोड़ की गई। 

इस मामले में चार लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था जिनकी पहचान अजीत महतो, अनित महतो, मनमोहित महतो और अनूप महतो के रूप में की गई थी। पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने कुर्मी संगठनों के सदस्यों के रूप में कपड़े पहनने के अलावा माथे पर पीली पट्टी बांध रखी थी। अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग को लेकर कुर्मी समुदाय के सदस्य हफ्तों से इस क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हमले के पीछे भाजपा का हाथ होने का आरोप लगाते हुए अभिषेक बनर्जी ने 48 घंटों का अल्टीमेटम देते हुए कुर्मी संगठनों से कहा है कि वह स्पष्ट करें कि क्या उनके सदस्य इस हिंसा में शामिल थे। 

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