उन्नाव में शव दफन करने को लेकर दो समुदायों में संघर्ष
एसडीएम, सीओ व थाना प्रभारी ने पहुंचकर दोनों पक्ष को समझाकर कराया शांत
अमृत विचार, उन्नाव। उन्नाव के माखी थानांतर्गत मेथीटीकुर-रनागढ़ी सरहद पर बने कब्रिस्तान में शव दफन करने को लेकर दो समुदायों में तनाव व्याप्त हो गया। एक समुदाय के लोग दूसरे समुदाय के व्यक्ति के मकान के सामने शव दफन कर रहे थे। विवाद की सूचना पर पहुंचे एसडीएम सफीपुर, सीओ बांगरमऊ व थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। एसडीएम ने कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल उठवाकर शव दफन करने का आश्वासन दिया।
बता दें कि सफीपुर तहसील अंतर्गत मेथीटीकुर निवासी पीर मोहम्मद की पत्नी मुन्नी (70) की मौत हो गई थी। गुरुवार सुबह परिजन शव दफन करने गांव व हसनगंज तहसील के रनागढ़ी की सरहद पर गुरुप्रसाद के दरवाजे के सामने कब्र खोदने लगे। जिस पर गुरुप्रसाद ने एतराज किया। जिससे दोनों पक्ष में तनाव की स्थिति बन गई। दो समुदाय की कहासुनी की सूचना पुलिस को मिली तो प्रसाशन में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे एसओ माखी बीर बहादुर सिंह ने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। एसडीएम सफीपुर शिवेंद्र कुमार वर्मा, सीओ बांगरमऊ पंकज कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से मामले की जानकारी ली।
मृतका मुन्नी के बेटे लल्लन ने बताया कि सन-2008 में कब्रिस्तान की जमीन की पैमाइश कराकर बाउंड्रीवाल बनवा दी गई थी। उसी रकबा से मिला हुआ रनागढ़ी निवासी गुरुप्रसाद का मकान बना है। दरवाजे के सामने कब्र खोदने को लेकर कहासुनी हुई। पुलिस ने जांच में पाया कि बाउंड्रीवाल टूटने से गुरुप्रसाद कब्रिस्तान से आता जाता है। जबकि बगल से रास्ता है। जिसपर अतिक्रमण है। रास्ता ठीक कराकर बाउंड्रीवाल बनवा दी गई है। करीब पांच घंटे बाद मामला शांत हुआ। परिजनों ने शव दफन कर दिया है। इस दौरान सफीपुर व माखी थाने की पुलिस व मेथीटीकुर के लेखपाल विकास कुमार व रनागढ़ी के लेखपाल विकास अवस्थी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें -बाराबंकी में बोले डिप्टी CM ब्रजेश पाठक - डीरेल हुई समाजवादी पार्टी, भाषा पर नियंत्रण खो चुके हैं अखिलेश
