संत कबीर नगर : नायब तहसीलदार पर पत्नी और बच्चों को मारपीट कर घर से निकालने का आरोप
सिद्धार्थनगर जिले के इटवा तहसील में कार्यरत हैं देवेंद्र मणि त्रिपाठी
मेंहदावल/ संतकबीरनगर, अमृत विचार। बखिरा थानाक्षेत्र के ग्राम हरदी निवासी और सिद्धार्थनगर जिले के इटवा तहसील में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत देवेंद्र मणि त्रिपाठी पर उनकी पत्नी और बेटों ने मारपीट कर घर से निकाल देने का आरोप लगाया है। बखिरा पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़िता बबिता त्रिपाठी ने बताया कि उनके पति देवेन्द्र मणि त्रिपाठी पूर्व में लेखपाल के पद पर कार्यरत रहे। वर्ष 2001 में उनकी शादी हुई थी। समय के साथ उनके दो बेटे हर्षित मणि त्रिपाठी और सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी पैदा हुए। दोनों बच्चे 18 और 17 वर्ष के हो चुके हैं।
उनके पति ने वर्ष 2016 में फर्जी तरीके से विकलांग प्रमाणपत्र बनवाकर उसी प्रमाणपत्र के सहारे विकलांग कोटे से नायब तहसीलदार के पद पर प्रोन्नति प्राप्त कर लिया। उन्होंने कान से सुनाई न देने का प्रमाणपत्र बनवाया है जबकि उनके कान शत् प्रतिशत काम करते हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती सिद्धार्थनगर जिले के इटवा तहसील में नायब तहसीलदार के पद पर है। पीड़िता बबिता त्रिपाठी ने बताया कि नायब तहसीलदार का पद मिलते ही उनके पति का आकर्षण किसी अन्य महिला से हो गया है। उसी महिला से वे दूसरी शादी करने की फिराक में हैं। पीड़िता ने बताया कि शनिवार की सुबह उनके पति और उनके परिवार के लोगों ने उन्हें और उनके दोनों बेटों को मारपीट कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया। उनके पति ने उनकी उंगली चबाकर लहू लुहान कर दिया और बच्चों समेत उन्हें घर से निकाल दिया है।
पीड़िता ने बताया कि मेरे पति बहुत ताकतवर व्यक्ति हैं। बड़े पद पर कार्यरत होने के कारण स्थानीय पुलिस भी उनकी मदद नहीं कर रही है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए न्याय दिलाने की मांग किया है। उन्होंने कहा कि मुकदमा लड़कर मुझे लम्बे समय तक न्याय नहीं मिल सकेगा। ऐसे में पति के फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र की जांच कराई जाए और मुझे न्याय दिलाया जाय। अन्यथा मैं बच्चों को साथ लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मिलकर न्याय मांगूंगी।
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