नैनीताल: पांच वर्षों के बाद 3.48 करोड़ से होगा क्षतिग्रस्त माल रोड का ट्रीटमेंट

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Edited By Amrit Vichar
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नैनीताल, अमृत विचार। बीते लंबे समय से स्थाई ट्रीटमेंट के लिए आखिरकार बजट की मंजूरी मिल चुकी है। विशेषज्ञों के सर्वे के बाद शासन को भेजी गई डीपीआर को सैद्धातिक मंजूरी मिल गई है। आपदा सचिव द्वारा 3.48 करोड़ की मंजूरी के बाद अब लोनिवि इसका शासनादेश होने का इंतजार कर रहा है। इसके बाद विभाग को जल्द कार्य शुरू करने को बजट जारी कर दिया जाएगा। सड़क का माइक्रो पाइलिंग और सेल्स ड्रिवन एंकर ट्रीटमेंट दिया जाएगा।

वर्ष 2018 में लोअर मालरोड का करीब 25 मीटर हिस्सा टूट कर झील में समा गया था। करीब एक माह बाद सड़क का जियो बैग व जीआई पाइपों की मदद से अस्थाई ट्रीटमेंट किया गया। इस बीच करीब एक माह तक सड़क पर यातायात भी ठप रहा था। इसके बाद सड़क को स्थाई ट्रीटमेंट दिये जाने के लिए कई संस्थाओं के विशेषज्ञों ने अध्ययन किये।

शासन की ओर से पुराने अस्थायी कार्य को मजबूती देने के लिए 82 लाख बजट भी जारी किया गया। मगर अनुबंधित ठेकेदार दो वर्ष में पांच प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं कर सका। इसके बाद लोनिवि ने टीएचडीसी को नये सिरे से सड़क का स्थाई ट्रीटमेंट करने का प्रस्ताव दिया। बीते वर्ष टीएचडीसी के विशेषज्ञों के अध्ययनों के बाद करीब चार करोड़ की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई। मगर करीब दस माह बाद इसको लेकर दोबारा कवायद शुरू हुई है।

लोनिवि अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना ने बताया कि बीते दिनों शासन स्तर पर आपदा सचिव डॉ. रणजीत सिन्हा ने इस संबंध में बैठक ली थी। टीएचडीसी द्वारा सुझाए ट्रीटमेंट प्लान पर चर्चा के बाद 3.48 करोड़ की सैद्धातिक मंजूरी दे दी गई है। इसमें अब शासनादेश होना बाकी है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक ट्रीटमेंट कार्य को बजट अवमुक्त हो जाएगा।


सहायक अभियंता आरएस जनौटी ने कहा कि टीएचडीसी की ओर से पूर्व में क्षतिग्रस्त 25 मीटर हिस्से के साथ ही करीब 40 मीटर क्षेत्र लिया गया है। जिसकी रोकथाम के लिए माइक्रो पाइलिंग और एसडीआरए ट्रीटमेंट सुझाया गया है। बताया कि लोअर व अपर मालरोड के बीच बीम कॉलम डालकर माइक्रो पाइलिंग के बाद उसके ऊपर स्लैब डाला जाएगा। जबकि एसडीआरए ट्रीटमेंट पूर्व में दिए गए ट्रीटमेंट की तरह ही है। 

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