कानुपर : बिजनेस में मिला धोखा तो युवक ने हाथ की नस काटने के बाद लगाया फंदा, छोड़ा सुसाइड नोट

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर, अमृत विचार। बर्रा में कारोबारी साथी की धोखाधड़ी से परेशान युवक ने फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। फांसी लगाने से पहले उसने अपने हाथ की नस काटी। हैलट में स्टाफ नर्स के पद पर तैनात पत्नी जब काम के बाद घर पहुंची तो फंदे पर पति का शव लटकता देख चीख पड़ी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की। फॉरेसिंक टीम ने मौके से दो पेज का सुसाइट नोट बरामद किया है। वहीं पुलिस आरोपी बिजनेस पार्टनर की तलाश में दबिश दे रही है।

विश्व बैंक डी-ब्लॉक निवासी 46 वर्षीय ओमेंद्र सिंह पार्टनरशिप में सोलर पैनल का काम करते थे। परिवार में मां रामवती, पत्नी अंजना, दो बेटे मांडव्य व मार्तंडय हैं। जबकि बड़ा भाई उदय नोएडा सिंह स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी में मैसेजर के पद पर कार्यरत है।

उदय ने बताया कि उसका भाई करीब छह साल से सोलर पैनल का काम कर रहा था। जिसमें दामोदरनगर निवासी दिव्येंद्र पार्टनर है, जो ओमेंद्र से धोखाधड़ी कर रहा था। जानकारी सामने आने के बाद दिव्येंद्र से विवाद भी हुआ था।जिसके से बाद से वह तनाव में रह रहा था।

उन्होंने बताया कि सोमवार शाम हैलट में स्टाफ नर्स होने के कारण अंजना काम पर थी, जबकि मां व बच्चे घर में पहले मंजिल पर बने कमरों में बैठे थे। इसी बीच ओमेंद्र बाहर से आया और दूसरे मंजिल पर आराम करने चला गया। जब अंजना काम से लौटी तो उसने पति के बारे में पूछा। ऊपर कमरे में गई तो फंदे से ओमेंद्र का शव लटकता देखकर चीख पड़ी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल की।

ओमेंद्र के पास दो पेज का सुसाइट नोट मिला है, जिसे फॉरेंसिक ने जांच के बाद अपने कब्जे में लिया है। परिजनों के अनुसार ओमेंद्र ने आत्महत्या से पहले अपने हाथ की नस भी सात बार काटी थी। जिससे खून बह रहा था। पुलिस ने खून लगा चाकू बरामद किया है। बर्रा थाना प्रभारी रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर कारोबारी साझेदार के घर दबिश दी गई, लेकिन वह फरार है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

सीएम योगी से लगाई न्याय की गुहार

ओमेंद्र ने दो पन्ने में सुसाइड नोट लिखा है। खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा प्रशंसक बताते हुए लिखा है कि योगी जी न्याय प्रिय हैं, मैंने जीवन में कोई ऐसा काम नहीं किया जो गलत हो, पूरे जीवन ईमानदारी से काम किया। उस पर मेरा यह हश्र हुआ। मेरी मौत का जिम्मेदार पार्टनर दिव्येंद्र है। दिव्येंद्र के साथ पार्टनरशिप में काम करना मेरी गलती है। वहीं दूसरे पेज पर परिवार के लिए लिखा है। योगीजी मेरे मरने के बाद मेरे परिवार को परेशान न किया जाए। आप न्यायप्रिय हैं, मैं आपका बड़ा प्रशंसक रहा हूं। आप पर पूरा भरोसा है, मेरे परिवार को न्याय दिलाएं। 

संबंधित समाचार