बाजपुर: चीनी मिल की सह इकाई को लीज पर देने का विरोध
बाजपुर, अमृत विचार। सहकारी चीनी मिल बाजपुर की सह इकाई आसवनी को 30 वर्ष के लिए लीज पर दिए जाने के विरोध में उतरे पालिकाध्यक्ष गुरजीत सिंह गित्ते ने मजदूरों, किसानों, व्यापारियों व क्षेत्रीय जनता के साथ 5 जून को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चीनी मिल गेट पर सांकेतिक धरना देने का ऐलान किया है।
रविवार को उन्होंने इस धरना-प्रदर्शन के कार्यक्रम की सफलता के लिए श्रमिकों व समर्थकों के साथ मंथन कर रूपरेखा तैयार की। इस दौरान गित्ते ने कहा है कि प्रदेश को राजस्व प्रदान करने वाली सहकारी चीनी मिल बाजपुर की सह इकाई आसवनी को प्रदूषण का आधार लेकर बंद करवा दिया है, जबकि प्राइवेट आसवनी इकाइयों को प्रोत्साहन देकर चलाया जा रहा है। चीनी मिल सहकारी संघ द्वारा सहकारी आसवनी को पुनः पीपीपी मोड-रेंट अथवा लीज पट्टे पर दिए जाने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। जिसका बाजपुर क्षेत्र के किसान, मजदूर व जागरूक नागरिक पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
आंदोलन की चेतावनी दी
बाजपुर। भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि बाजपुर असवानी फैक्ट्री को लीज पर देने की जो प्रक्रिया गतिमान है, जिससे बर्दाश्त योग्य नहीं है। बाजपुर के किसान, मजदूर उम्मीद कर रहे थी कि सरकार पर्यावरण अनापत्ति के चलते बदहाल हुई फैक्ट्री को चलाने के लिए प्रयास करेगी, लेकिन असवानी फैक्ट्री को लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू कर देना सरकार की मंशा पर सवालिया निशान लगाता है। क्षेत्र के किसान, मजदूर किसी भी कीमत पर असवानी फैक्ट्री को लीज पर देने की योजना का विरोध करेंगे। आसवानी लीज प्रक्रिया यथाशीघ्र निरस्त नहीं होती है तो सरकार के खिलाफ क्षेत्र के किसान मजदूर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने को बाध्य होंगे।
