विपक्षी एकता बैठक में पार्टी अध्यक्ष के अलावा कोई दूसरा आएगा तो नहीं लगेगा अच्छा : CM नीतीश कुमार

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Edited By Amrit Vichar
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पटना। बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के शीर्ष नेता नीतीश कुमार ने 12 जून को होने वाली विपक्षी एकता बैठक के टलने को लेकर आज स्पष्ट कर दिया कि इस बैठक में सभी पार्टी के अध्यक्ष को आना है, इसमें कोई दूसरा आएगा तो अच्छा नहीं लगेगा।

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कुमार ने सोमवार को संपूर्ण क्रांति दिवस के अवसर पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के साथ लोकनायक जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान 12 जून को पटना में विपक्षी एकता की बैठक होने से संबंधित प्रश्न के उत्तर में कहा, “12 जून को होने वाली विपक्षी एकता की बैठक के लिए अधिकतर लोगों का समर्थन आ गया था। 12 तारीख को होने वाले कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है।

हमने कांग्रेस पार्टी से कहा है कि आपलोग भी बैठक के लिए आगे की तिथि को लेकर बात कर लीजिए। सभी पार्टी के अध्यक्ष को आना है इसमें कोई दूसरा आएगा तो अच्छा नहीं लगेगा।” मुख्यमंत्री ने खगड़िया-अगवानी-सुल्तानगंज के निर्माणाधीन पुल के स्ट्रक्चर गिरने से संबंधित सवाल के जवाब में कहा कि इस निर्माणाधीन पुल का स्ट्रक्चर एकबार पहले और गिरा था उस समय भी उन्होंने पूछा था कि ऐसा क्यों हुआ है।

वर्ष 2012 में ही इस पुल के निर्माण करने का निर्णय किया गया था और वर्ष 2014 में इसकी शुरुआत हुई। कल ही जानकारी मिली है कि फिर से इसका स्ट्रक्चर गिरा है। उन्होंने तुरंत विभाग के सभी अधिकारियों को कहा कि जाकर देखें और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें। पुल का निर्माण कार्य मजबूत तरीके से हो, इसको लेकर भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है।

कुमार ने इस पुल के ऊपरी हिस्से के गिरने को लेकर विपक्षी पार्टियों द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे आरोप से संबंधित सवाल के जवाब में कहा कि वे लोग कुछ भी बोलते रहते हैं, उनका काम सिर्फ बोलना है।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद सुशील कुमार मोदी पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि जो हमारे साथ पहले उप मुख्यमंत्री थे, उनको पार्टी ने कोई जगह नहीं दिया है तो कुछ न कुछ तो बोलना ही है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में उनलोगों को भी आना चाहिए था। वे लोग भी जेपी आंदोलन से जुड़े हुए थे। 

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