अयोध्या: योजना जो दशकों बाद नहीं उतर सकी धरातल पर, जानें वजह

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Edited By Amrit Vichar
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एनओएफएन के तहत ग्राम पंचायतों में पहुंचना था ब्राडबैंड

अयोध्या/अमृत विचार। सरकार की महत्वाकांक्षी डिजिटल इण्डिया योजना के तहत दो दशक पूर्व देहात क्षेत्र में किफायती मूल्य पर हाई स्पीड डिजिटल कनेक्टविटी प्रदान करने के लिए एनओएफएन योजना लागू की गई थी। योजना के तहत कनेक्टविटी प्रदान करने के लिए सरकार सरकार ओर से बीबीएनएल नामक संस्था का गठन किया गया था। 

नेशनल फाइबर नेटवर्क योजना के तहत आप्टिकल फाइबर का जाल भी बिछाया गया, लेकिन कई वर्षों बाद भी यह महत्वाकांक्षी योजना जिले में धरातल पर नहीं उतर सकी। वर्तमान में विलय के बाद अब ग्राम पंचायतों तक हाई स्पीड ब्राडबैंड सेवा को धरातल पर उतारने का जिम्मा भारत संचार निगम लिमिटेड के पास है।  
 
देश में संचार क्रांति के प्रसार के बाद सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और मानीटरिंग में आधुनिक तकनीकि के समावेश के लिए ग्राम पंचायतों को तीव्र गति की इंटनेट सेवा उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू हुआ था। योजना के तहत वर्ष 2011 में केंद्र सरकार की ओर से नेशनल फाइबर नेटवर्क योजना (एनओएफएन) की शुरुआत की गई थी। एनओएफएन योजना के तहत सभी ग्राम पंचायतों को आप्टिकल फाइबर से जोड़ने के लिए फाइबर बिछाने का कार्य शुरू हुआ था। 

योजना को वर्ष 2013 तक पूरा किया जाना था लेकिन यूपीए सरकार ने 2015 और फिर एनडीए सरकार ने 2016 तक बढ़ा दी थी। योजना के तहत जनपद में पहले चरण में बीकापुर, मसौधा, मया बाजार और पूरा बाजार तथा दूसरे चरण में मवई, अमानीगंज, हैरिंग्टनगंज, रुदौली, मिल्कीपुर, सोहावल और तारुन क्षेत्र के ग्राम पंचायतों तथा मवई, मिल्कीपुर, सोहावल और तारुन ब्लाक मुख्यालय को जोड़ने के लिए लगभग 19 हजार किलोमीटर आप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई है।  

जिम्मा बीएसएनएल को मिलने के बाद खंगाली जा रही लाइन 

गत वर्ष जुलाई माह में बीबीएनएल का बीएसएनएल में बिलय कर दिया गया और बीएसएनएल को नए सिरे से बाजार की प्रतिस्पर्द्धा में लाने के लिए कवायद शुरू हुई तो फिर से एनओएफएन योजना के तहत बिछाई गई आप्टिकल फाइबर लाइन की खोजबीन शुरू हुई। पत्रावली खंगाली गई तो पता चला कि जनपद कई वर्ष पहले से फाइबर टू होम सेवा में है और शहरी क्षेत्र समेत देहात में फाइबर केबल बिछी हुई है। 

जमीनी सर्वे शुरू हुआ तो पता चला कि ओएफसी तो बिछी है, लेकिन कनेक्टविटी गायब है। लाखों की कीमत से बिछाई गई ओएफसी केबल जगह-जगह ब्रेक है। ऐसा सड़क, नाली, फुटपाथ, सीवर लाइन तथा अन्य के निर्माण और विकास के चलते हुआ है। वहीं देहात क्षेत्रों में घर-घर जल मिशन, सड़कों के चौड़ीकरण, खड़ंजा आदि के निर्माण के चलते एनओएफएन योजना के तहत बिछी केबल ब्रेक है।  

केबल तो बिछी लेकिन चढ़ गई अनियोजित विकास की भेंट,चल रहा सर्वे

भारत संचार निगम लिमिटेड के महा प्रबंधक ज्ञानेंद्र द्विवेदी का कहना है कि एनओएफएन योजना के तहत ग्राम पंचायतों को आप्टिकल फाइबर से जोड़ने और ग्राम पंचायत सचिवालयों तथा देहात क्षेत्र के उपभोक्ताओं को हाई स्पीड ब्राडबैंड सेवा उपलब्ध कराने के लिए बिछाई गई केबल लाइन का सर्वे कराया जा रहा है।  मिल्कीपुर और सोहावल ब्लाक क्षेत्र का सर्वे लगभग पूरा हो गया है तथा हैरिंग्टनगंज में कराया जा रहा है। निर्माण और विकास कार्यों के चलते फाइबर केबल जगह-जगह ब्रेक हो गई है, जिसको दुरुस्त करवा जल्द से जल्द कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी।

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