Mahoba: चरखारी स्टेट राजघराने का चल रहा विवाद अब सडक पर, दोनों पक्षों के खिलाफ दी तहरीर
महोबा में चरखारी स्टेट राजघराने का चल रहा विवाद अब सडक पर।
महोबा में चरखारी स्टेट राजघराने का चल रहा विवाद अब सडक पर। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ कोतवाली चरखारी में तहरीर दी।
महोबा, अमृत विचार। चरखारी स्टेट राजघराने का सालों से चल रहा संपत्ति विवाद अब सड़क पर आ गया है। 50 करोड़ की चल अचल संपत्ति के विवाद को लेकर राजा ने अपनी ही बहन के साथ न केवल मारपीट कर दी, बल्कि जबरन दान पत्र लिखवाने का दबाब बनाने का भी आरोप लगाया है।
चरखारी के महाराज की मौत के बाद से परिवारिक कलह थमने का नाम नही ले रही है। हालत यह है कि अब यह विवाद सरेआम लोगों के सामने आ गया है।
पारिवारिक हिस्से में बहन को मिली संपत्ति को लेकर विवाद बताया जा रहा है। राजा द्वारा बहन को मारपीट करने का वीडियो भी सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। राजघराने के विवाद को लेकर पुलिस मामले में जांच के बाद ही कार्यवाही करने की बात कह रही है। दोनो ही पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाकर पुलिस को तहरीर दी है।
राजघराने की संपत्ति का विवाद इससे पहले भी सामने आया था, मगर अब राजघराने परिवार में सम्पत्ति को लेकर भाई बहिन के रिश्तों में भी खटास बढ गई है। हालत यह है कि कभी राज घराने में न्याय की गुहार लगाने के लिये चरखारी के वाशिन्दे जाते थे। लेकिन बदलते वक्त के साथ अब बहुत कुछ बदल गया है। स्थिति यह है कि अब राज घराने का परिवार खुद न्याय के लिये पुलिस से गुहार लगा रहा है। मारपीट होने पर बहन ने अपने भाई और राजमाता पर कार्यवाही के लिए एसपी की चौखट पर पहुंच न्याय की गुहार लगाई है।
चरखारी राजघराने की बेटी जयती सिंह बताती है कि उसके पिता जयन्त सिंह जू देव चरखारी स्टेट के महाराज थे। जिनकी मृत्यु के बाद परिवार में सम्पत्ति को लेकर शुरु हुई कलह आज भी जारी है। महाराज की मौत के बाद दोनों पुत्र जय सिंह और जयराज सिंह के बीच पूर्व में भी सम्पत्ति को लेकर विवाद का मामला सामने आया था। इसके बाद जयसिंह अपने परिवार के साथ न्यूजीलेण्ड में जाकर बस गया।
जबकि छोटा भाई जयराज सिंह चरखारी के ही रावबाग बहल में परिवार के साथ निवास करता है। इसी महल के एक हिस्से में पीडिता जयती सिंह भी निवासी करती है। आरोप है कि पारिवारिक बटवारे में जयती सिंह के हिस्से में 50 करोड रुपये की चल अचल सम्पत्ति आई है। लेकिन उसका सगा भाई सम्पत्ति में अधिकार नही दे रहा है और राजमाता उर्मिला के साथ मिलकर उसकी सम्पत्ति को दान पत्र में लिखवाने को लेकर दवाव बनाया जा रहा है। इसी बात को लेकर विवाद हुआ है।
क्या कहते है जिम्मेदार
अपर पुलिस अधीक्षक सत्यम का कहना है कि राजघराने में मामूली मारपीट का विवाद सामने आया है। दोनों पक्षों की तरफ से कोतवाली चरखारी में तहरीर दी गई है। तहरीर मिलने के बाद जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।
