चित्रकूट : समाजविरोधी क्रियाकलाप में नौ को पांच-पांच साल कठोर कारावास

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कोर्ट ने दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

अमृत विचार, चित्रकूट। उप्र गिरोहबंद एवं समाजविरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत नौ लोगों को कोर्ट ने पांच-पांच साल कठोर कारावास की सजा दी है। इनको 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा। 

ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि तत्कालीन कोतवाली प्रभारी सत्यपाल सिंह ने लोगों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर 24 अगस्त को बाबू उर्फ दादू पुत्र रामआसरे यादव निवासी नगनेधी अतर्रा (बांदा) और उसके गैंग के सक्रिय सदस्यों अशोक उर्फ बच्चा पुत्र छत्रपाल निवासी नगनेधी, लल्लू पुत्र स्वामीदीन निवासी बद्दा का पुरवा मजा सिकरिया गिरवां (बांदा), रामदयाल पुत्र परशुराम निवासी कोढ़न का पुरवा कर्वी, प्रेमचंद्र उर्फ बब्लू पुत्र देशराज, देशराज यादव पुत्र रामसनेही निवासी गौशाला कर्वी, देशराज पुत्र बब्लू यादव निवासी दुगवां कर्वी, अमर सिंह पुत्र देशराज निवासी गौशाला और राजू उर्फ फूदलू पुत्र रामकेश यादव निवासी दुगवां को रंगदारी मांगने, बलवा करने, पुलिस मुठभेड़, जनता में भय व्याप्त करने आदि आरोपों में गिरफ्तार किया था। बाद में इनके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया था। 

गुरुवार को अपर जनपद न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट सुशील कुमार वर्मा ने इन सभी दोषियों को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इन सबको दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी भुगतना होगा। अधिवक्ता ने बताया कि जेल में बिताई गई अवधि को कोर्ट ने सजा में समायोजित किए जाने के आदेश दिए हैं। अर्थदंड अदा न करने की दशा में इनको तीन-तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।  


ये भी पढ़ें -फैसला : लेखपाल की हत्या में सिपाही और उसके बेटे को उम्रकैद की सजा

संबंधित समाचार