श्रीनगर: स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए काटे गए चिनार के पेड़, हुआ कानून का उल्लंघन 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

श्रीनगर। प्राधिकारियों ने श्रीनगर के ‘पोलो व्यू रोड’ के किनारे लगे चिनार के अनेक पेड़ की स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कटाई की है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस कदम का विरोध किया है। प्राधिकारियों ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा कि ऐसा तय प्रक्रिया का पालन करने के बाद किया गया।

ये भी पढ़ें - महाराष्ट्र में नहीं है कानून-व्यवस्था चल रहा है 'जंगल राज': कांग्रेस समिति अध्यक्ष

जम्मू-कश्मीर निर्दिष्ट वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1969 के तहत शहतूत, अखरोट और चिनार जैसे कुछ पेड़ों की प्रजातियों को स्थानीय अर्थव्यवस्था या विरासत में उनके महत्व को देखते हुए गिराया या काटा नहीं जा सकता। पर्यावरण कार्यकर्ता राजा मुजफ्फर भट ने कहा कि चिनार के पेड़ कश्मीर की विरासत हैं और अगर सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं या फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सरकार को इन पेड़ों को काटना पड़े, तो प्रतिरोपण का प्रावधान है।

भट ने कहा, ‘‘पेड़ भले ही 300 से 400 साल पुराने हों, उन्हें प्रतिरोपित किया जा सकता है। अलग-अलग राज्यों में वृक्षों के प्रतिरोपण की नीति है। दिल्ली सरकार की पेड़ों के प्रतिरोपण की नीति है और उन्होंने 100-150 साल पुराने पेड़ भी प्रतिरोपित किए हैं, इसलिए मुझे नहीं लगता कि सरकार को ‘पोलो व्यू’ क्षेत्र के आसपास काटे गए चिनार के पेड़ों को प्रतिरोपित करने या फिर से लगाने में कोई समस्या होनी चाहिए।’’

श्रीनगर स्मार्ट सिटी परियोजना के प्रमुख श्रीनगर नगर निगम आयुक्त अतहर आमिर खान ने कहा कि पेड़ों की कटाई आवश्यक थी और सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करने के बाद ऐसा किया गया। खान ने कहा, ‘‘स्मार्ट सिटी परियोजना अपनी मर्जी से चिनार के एक भी पेड़ को नहीं छू सकती और ना ही हमने ऐसा किया।

यह एक उचित प्रक्रिया के तहत, एक उचित माध्यम के जरिए किया गया। जिन स्थानों पर संबंधित समितियों और अधिकारियों ने पाया कि पेड़ों की सूख चुकी शाखाओं या पुराने सूखे चिनार को काटने की आवश्यकता है, उन्होंने ऐसा किया।’’ खान ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना ने पारिस्थितिकी को बनाए रखने और पेड़ों के संरक्षण को हमेशा प्राथमिकता दी है।

ये भी पढ़ें - अंतरराष्ट्रीय रैफरी जगबीर सिंह ने कहा- देखा महिला पहलवानों के प्रति बृजभूषण का अनुचित बर्ताव 

संबंधित समाचार