बरेली: निर्धारित भूमि पर मकान, सीलिंग की भूमि पर पेट्रोल पंप, अनियमितता खुलने पर बिल्डर रमनदीप सिंह की मुश्किलें और बढ़ीं

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Edited By Amrit Vichar
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महानगर कालोनी के गेट के पास पेट्रोल पंप दूसरे गाटा पर लगाने की जांच पूरी हुई, तहसीलदार सदर के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने 15 दिन में की जांच, सीलिंग कार्यालय से नक्शा और अभिलेखों की जांच के बाद सीलिंग की भूमि निकली

बरेली, अमृत विचार: शहर के चर्चित बिल्डर रमनदीप सिंह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। रमनदीप सिंह ने धौरेरा माफी ग्राम पंचायत क्षेत्र की महानगर टाउनशिप के मुख्य गेट के पास जिस भूमि पर मैसर्स लीफ फिलिंग स्टेशन के नाम से पेट्रोल पंप स्थापित कराया था।

वह भूमि तहसील की जांच में ग्रामीण सीलिंग की निकली है। साथ ही तहसील सदर से जारी की गई एनओसी वाले गाटा संख्या की भूमि को नजरअंदाज कर पेट्रोल पंप दूसरे गाटे की भूमि यानी सीलिंग की भूमि पर स्थापित किया था।

तहसीलदार सदर रामनयन सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम की जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है। जांच टीम सीलिंग के अभिलेखों की जांच के बाद इस नतीजे पर पहुंची कि निर्धारित भूमि पर मकान बनाने के लिए दूसरे गाटा संख्या पर पेट्रोल पंप स्थापित कराया गया था।

इसमें तेल कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। जांच में कई और बिंदुओं का खुलासा हुआ है, जिनमें कई विभागों के अधिकारियों की गर्दन भी फंसने की बात सामने आ रही है।

रमनदीप सिंह को पेट्रोल पंप स्थापित कराने के लिए गाटा संख्या 511 के लिए एनओसी जारी हुई थी, लेकिन पेट्रोल पंप इस गाटा संख्या पर स्थापित न कर गाटा संख्या 520/691 पर स्थापित किया गया था। दूसरी बात, यह पेट्रोल पंप बीडीए से नक्शा पास कराए बिना ही स्थापित किया गया था।

पहले मैसर्स लीफ फिलिंग स्टेशन की एनओसी जारी कराने में तहसील सदर में तैनात रह चुके कई अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई गई थी लेकिन जांच में यह बात सामने आई कि एनओसी सही गाटा संख्या की जारी की गई थी।

जांच करने वाली टीम में तहसीलदार सदर राम नयन सिंह, राजस्व निरीक्षक राजपाल गंगवार, राजस्व निरीक्षक प्रदीप शर्मा, क्षेत्रीय लेखपाल विपिन पटेल और लेखपाल नरेश गंगवार शामिल हैं। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु पूनिया के निर्देश पर उप जिलाधिकारी/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रत्यूष पांडेय ने जांच कमेटी गठित की थी।

15 दिन में जांच पूरी, कलेक्ट्रेट भेजी गई जांच आख्या: जांच टीम को 26 मई को लिखित आदेश हुए थे। इसके बाद टीम ने मौके का निरीक्षण कर सभी पहलुओं पर जांच की। इसके बाद टाउनशिप से लेकर पेट्रोल पंप की भूमि के अभिलेखों की जांच की।

सीलिंग की भूमि निकलने पर सीलिंग कार्यालय से नक्शा निकलवाए। उनकी जांच के बाद शुक्रवार को टीम ने जांच पूरी की। तहसीलदार सदर ने दोपहर में जांच आख्या एसडीएम सदर को भेजी। इसके बाद शाम को जांच आख्या कलेक्ट्रेट भेज दी गई।

पेट्रोल पंप सीलिंग की भूमि पर स्थापित मिला है। निर्धारित गाटा संख्या पर न लगाकर दूसरी भूमि पर लगाया था। जांच पूरी होने के बाद आख्या एसडीएम सदर को भेज दी गई है।- राम नयन सिंह, तहसीलदार सदर।

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