रायबरेली : भट्टा संचालक पर श्रमिक की हत्या का आरोप, सात माह बाद कब्र से निकाला गया शव
ऊंचाहार/ रायबरेली, अमृत विचार। कल्यानी गंगा घाट पर करीबन 7 माह पूर्व दफनाये गये ईट भट्ठा श्रमिक के शव को प्रशासन व पुलिस की देखरेख में खोदवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है।
दरअसल छत्तीसगढ़ प्रान्त के बिलासपुर जिले के थाना सरवानी पीपरपारा गाँव निवासी बैठमाल अपने परिवार के साथ पट्टी रहस कैथवल गाँव स्थित ईट भट्ठे पर पथाई करता था।अचानक दिसंबर माह में उसकी मौत हो गई। आरोप है कि ईट भट्ठा संचालक ने बिना परिजनों को जानकारी दिये शव को कल्यानी गंगा घाट पर दफन करवा दिया। उसकी पत्नी सातो बाई ने ईट भट्ठा संचालक जितेंद्र सिंह, उनके भाई रूपेश बहादुर सिंह ,बेटे गौरव सिंह, व साथी राकेश, महराजदीन व जगतपाल के विरुद्ध 16 अप्रैल को न्यायालय के आदेश पर पति की हत्या कर उसके शव को छुपाने का मुकदमा दर्ज कराया था।
लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस के शिथिल रवैये के कारण मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिसके बाद पीड़िता ने उच्च न्यायालय में गुहार लगायी ।जिसके बाद उच्च न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक रायबरेली से जुलाई माह के पहले सप्ताह में मामले में क्या कार्यवाही हुई, इसकी रिपोर्ट पेश करने को कहा तो पुलिस हरकत में आई और शुक्रवार को पुलिस श्रमिक के बेटे व बेटी को लेकर कल्यानी घाट गई थी। जहां बेटे ने पिता के कपड़े, गमछा व एक जूते की पहचान की थी। पुलिस ने उसे साक्ष्य के तौर पर संकलित किया था।
रविवार की सुबह जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सिदार्थ चौधरी व कोतवाल बालेन्दु गौतम ने कल्यानी गंगा घाट पहुंचे और दफनाये गये श्रमिक के शव की खोदाई कराई। जिसके बाद पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। कोतवाल बालेन्दु गौतम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। विधिक कार्यवाही की जा रही है।
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