बरेली: जिला महिला अस्पताल में रिश्वतखोरी के मामले रोजमर्रा की बात, फिर भी अफसरों को नहीं परवाह
बरेली, अमृत विचार। कहने को भ्रष्टाचार पर नो टॉलरेंस की रीति-नीति चल रही है लेकिन असलियत यह है कि जिला महिला अस्पताल में बच्चों का जन्म भी रिश्वत देकर हो रहा है। अफसरों ने भी सरकारी कामकाज में रिश्वत को इस कदर जरूरी मान लिया है कि शिकायतें ऊपर तक पहुंचने के बावजूद न ठीक से जांच हो रही है न कार्रवाई।
महिला अस्पताल में हाल ही में रिश्वत मांगने की तमाम शिकायतें अधिकारियों से की गई हैं लेकिन जांच तक नहीं हुई। रिश्वत न देने पर मरीजों के इलाज में लापरवाही के भी ढेर मामले हैं। मेट्रन के कार्यालय में ऐसी शिकायतें पहुंचना रोजमर्रा की बात है लेकिन इन्हें कभी गंभीरता से नहीं लिया जाता। अधिकारियों तक ऐसे मामले पहुंचते हैं तो मरीजों को ही समझाबुझाकर मामला रफादफा कर दिया जाता है।
हाल ही में रिश्वत मांगने के दो मामले काफी चर्चा में रहे थे लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 11 मई को भुता के मुड़िया लालपुर गांव के सुरेंद्र की पत्नी ऊषा देवी का वहीं सीएचसी पर प्रसव हुआ था। बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे जिला महिला अस्पताल रेफर किया गया। परिवार के लोगों के मुताबिक यहां एसएनसीयू के स्टाफ ने उनसे बच्चे के इलाज के लिए पांच हजार रुपये की मांग की। उन्होंने दो हजार रुपये दे भी दिए लेकिन इसके बावजूद बच्चे को नहीं बचाया जा सका। सुरेंद्र की ओर से अफसरों से शिकायत की गई लेकिन उसे रफादफा कर दिया गया।
हाल ही में सात जून को बिथरी चैनपुर के गांव मोहनपुर के शिवम की पत्नी रश्मि को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल लाया गया था। आरोप था कि रश्मि को लेबर रूम में भर्ती करने के बाद डॉक्टर और स्टाफ ने चार हजार रुपये की मांग की मगर उन्होंने पैसे नहीं दिए। रश्मि की हालत गंभीर हुई तो डॉक्टर ने प्रसव तो करा दिया लेकिन स्टाफ इसके बाद भी पैसों की मांग करता रहा। इस पर शिवम ने डॉक्टर के रूम में जाकर सबके सामने एक हजार रुपये उनकी टेबल पर रख दिए। हड़बड़ाई डॉक्टर ने शिवम पर नाराजगी जाहिर की तो जमकर हंगामा हुआ। अधिकारियों ने इस मामले में भी कुछ नहीं किया।
शिकायतें मिलने पर फौरन जांच कराई जा रही है। मामले संज्ञान में आने के बाद स्टाफ से जवाबतलब कर बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. पुष्पलता शमी, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
ये भी पढे़ं- बरेली: एसटीएफ ने 2.780 किलो स्मैक के साथ दो तस्करों को किया गिरफ्तार
