Mahoba News: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई, 35 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
महोबा में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई।
महोबा में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने अभियुक्त पर पैंतीस हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया।
महोबा, अमृत विचार। अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पास्को अधिनियम) महोबा अल्का चौधरी ने एक नाबालिग से दुश्कर्म के अपराध में पास्को की धारा 4 के अन्तर्गत अभियुक्त को दोष सिद्ध हो जाने पर 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पडेगी।
वर्ष 2019 में थाना कबरई के एक ग्राम निवासी 14 वर्षीय एक किशोरी स्कूल से पढने के बाद घर में खाना खा कर बैंक में अपने वजीफे की धनराशि देखने गई थी। लौटते समय उसे थाना कबरई के ग्राम सिरसी कलां निवासी संदीप पुत्र मिट्ठू कहार अपने साथियों के साथ किशोरी को अगवा कर करके हमीरपुर ले गये थे।
इसके बाद हमीरपुर से संदीप मुझे अहमदाबाद ले गया, जहां उसने मेरे साथ कई दिनो तक दुष्कर्म करता रहा। वहां से छूटने के बाद मैने अपने परिजनो को पूरी दंस्ता सुनाई और पिता के साथ जाकर थाना करबई में अपहरण दुष्कर्म और बालको का संरक्षण अधिनियम की धारा 4 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
सोमवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने दोनो पक्षो के गवाह और बहस सुनने के बाद संदीप को लैंगिग अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम की धारा 4 में दोष सिद्व हो जाने पर अभियुक्त को दस साल का साश्रम कारावास और तीस हाजर रूपया के अर्थदंण्ड से दण्डित किया। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पडेगी। वही अपहरण के मामले में दोषी ठहराते हुये उसे पांच साल की सजा सुनाई।
साथ ही पांच हजार रूपये का जुर्माना ठोका। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पडेगी। इस मुकदमें की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से डीजीसी पुष्पेन्द्र मिश्रा ने करते हुये बताया कि सभी सजायें साथ साथ चलेगी। उन्होने बताया कि जुर्माने की आधी धनराशि पीडितो को अपील की अवधि समाप्त होने के बाद उच्च न्यायालय के आदेश पर उपलब्ध कराई जायेगी।
