रायबरेली: अमरेश सिंह की मौत के मामले में पांच पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, एसपी ने किया लाइन हाजिर
लालगंज रायबरेली,अमृत विचार। कोतवाली क्षेत्र के बेहटा कला गांव में पुलिस के भय से नदी में कूदने से हुई युवक अमरेश सिंह की मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक रायबरेली ने तीन दरोगा व दो पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन हाजिर कर दिया है। हालांकि हत्या का मुकदमा लिखे जाने के बाद पीड़ित पक्ष के द्वारा यह कार्यवाही कमतर बताई जा रही है। पीड़ित परिवार वालों का कहना है कि हत्या के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजने का नियम है, लेकिन पुलिस अपने विभाग के कर्मचारियों को बचाने की फिराक में लगी हुई है। विवेचना में खेल करने की तैयारी कर रही है।
ज्ञात हो कि रविवार को दोपहर बाद बेहटा कला गांव के लोन नदी किनारे स्थित चकवा पुर गांव में ताश खेल रहे कुछ ग्रामीणों को पुलिस ने वसूली के चक्कर में दौड़ाया था ।जिसमें गांव के अमरेश सिंह पहले पेड़ पर चढ़े ,उसके बाद नदी में कूद गए, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस वहां से भाग निकली थी। देर शाम जब बेहटा कला गांव के लोगों को जानकारी हुई तो लोगों ने मौके पर पहुंचकर नदी से शव निकाला। तब तक दूसरे पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए थे।
उन्होंने अमरेश सिंह का शव ले जाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों के द्वारा विरोध दर्ज कराया गया और रात 8 बजे के करीब अमरेश सिंह के शव को बेहटा गांव के चौराहे पर लाकर सड़क जाम कर दिया था। देर रात पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक के न्याय संगत कारवाही के आश्वासन पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात परिजनों ने मानी और मृतक के खानदानी सुरेश प्रताप सिंह की तहरीर पर अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा कोतवाली में दर्ज हुआ। सोमवार को ही देर रात पुलिस अधीक्षक ने दरोगा रमाकांत मिश्रा ,दरोगा निखिलेश कुमार ,दरोगा पंचम लाल सोनकर, सिपाही नितिन कुमार, सिपाही गौरव कुमार को दोषी मानते हुए लाइन हाजिर कर दिया।
बेहटा कला गांव में पहले भी हो चुकी है पुलिस यातना की घटना
पुलिस के भय से लोन नदी में कूदे अमरेश सिंह की डूबकर हुई मौत के मामले के बाद अगस्त 2020 में बेहटा कला गांव के ही एक दलित युवक मोहित की मौत का मामला भी ग्रामीणों को फिर से याद आ गया है। 26 अगस्त 2020 में बाइक चोरी के मामले में पुलिस बेहटागांव निवासी मोहित को कोतवाली पकड़ लायी थी।वहां पर उसकी जमकर पिटाई की गयी थी।
हालत बिगड़ने पर मोहित की 30 अगस्त 2020 को मौत हो गयी थी। परिजन व ग्रामीण पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज कराने की मांग लेकर कोतवाली पहुंचे तो वहां पर पुलिस कर्मियों ने दौड़ादौड़ा कर सभी को पीटा था।काफी हंगामे के बाद आखिरकार पुलिस को दो दरोगा समेत सिपाहियों के विरूद्ध मामला दर्ज करना पड़ा था। तत्कालीन एसपी ने कोतवाल हरिशंकर प्रजापति और दरोगा जेपी यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
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