अयोध्या: निर्माणाधीन रामपथ पर नहीं थम रहे हादसे, नहीं जाग रहे जिम्मेदार 

Amrit Vichar Network
Edited By Ankit Yadav
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अयोध्या से लेकर फैजाबाद नगर में हो चुकी हैं दस दुर्घटनाएं

अमृत विचार, अयोध्या। निर्माणाधीन रामपथ पर दुश्वारियों के साथ हादसों का सिलसिला नहीं थम रहा है। सहादतगंज से लेकर अयोध्या नयाघाट तक रोजाना हादसे हो रहें हैं। इसे लेकर निर्माण एजेंसी न प्रशासन संजीदा हो रहा है। गंभीर बात यह है कि अब तक हुई दुर्घटनाओं का जिम्मेदारों ने कोई संज्ञान ही नहीं लिया है। जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों ने बीते दिनों रुट डायवर्जन की बात कही थी लेकिन अभी तक उस पर भी कोई अमल नहीं हुआ।

सहादतगंज से नयाघाट अयोध्या तक बन रहे 13 किलोमीटर के रामपथ पर रिकाबगंज से लेकर अयोध्या नयाघाट तक का क्षेत्र संवेदनशील होता जा रहा है। इस पूरे क्षेत्र में महज डेढ़ माह में दस से अधिक हादसे हो चुके हैं, जिनमें से दो हादसों में एक व्यक्ति का पैर टूट गया जबकि दूसरे में एक महिला का हाथ टूट गया। इसके अलावा अन्य हादसों में लोग चोटहिल हुए। इन घटनाओं को लेकर निर्माण एजेंसी आर एंड सी के जिम्मेदारों ने कोई इंतजाम तो दूर संज्ञान लेना तक मुनासिब नहीं समझा।

5 मई को नियावां चौराहे पर अयोध्या जा रहे श्रद्धालुओं का ई-रिक्शा पलट गया। जिसमें तीन लोग घायल हुए जबकि एक बच्चा नीचे आने से बाल-बाल बच गया। वहीं 20 मई को अंगूरीबाग रोड पर पिकअप खोदे गए गड्डे में घुस कर पलट गई, चालक और क्लीनर चोटिल हुए। 25 मई को ग्रामीण बैंक के निकट ई-रिक्शा पलट गया जिसमें एक व्यक्ति का पैर कई स्थानों पर फैरक्चर हो गया। निजी अस्पताल में इलाज के लिए गया तो तीन लाख खर्चा बताया गया। इसी तरह सप्ताह भर पहले अयोध्या में जेसीबी की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई, काफी प्रयास के बाद जेसीबी चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। छोटी घटनाओं को तो छोड़ दिया जाए युवक की मौत के मामले का भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। महापौर गिरीशपति त्रिपाठी को छोड़कर मृतक युवक के घर कोई ढांढस बंधाने नहीं पहुंचा। 

वहीं 12 जून को अयोध्या में मुख्य मार्ग बंद किए जाने के बाद डायवर्जन न होने के बाद उधर से जा रहा एक ई-रिक्शा पलट गया जिसमें नवाबगंज गोंडा से आई एक श्रद्धालु महिला का हाथ टूट गया। इससे पूर्व एक युवक बाईक समेत खोदे गए डक्ट में गिर गया है। लोगों ने उसे निकाला लेकिन प्रशासन ने सुधि नहीं ली। नियावां पर एक युवक पहले ही स्कूटी से गिर चुका था। उसे आठ टांके लगे थे। नियावां चौराहे पर रहने वाले मनोज सिंह, अशोक कुमार और शमशाद अंसारी ने बताया कि रोज हादसे हो रहे हैं। खोदे गए गड्डों के इर्द-गिर्द लगाई गई बैरिकेडिंग भी पर्याप्त नहीं है।

अब ये क्षेत्र हादसों के नजरिए से संवेदनशील

निर्माणाधीन रामपथ पर नियावां चौराहा, आईसीआईसीआई बैंक, पुराना तरंग सिनेमा के निकट, अंगूरीबाग दुर्गा मंदिर के निकट, गुदड़ीबाजार लोहा मंडी के सामने, पुराने आंख अस्पताल चौराहे, साहबगंज गंदे नाले के पहले, अमानीगंज विघुत उपकेंद्र के निकट और अयोध्या में हनुमानगढ़ी रोड, तुलसी उधान का क्षेत्र सर्वाधिक संवेदनशील बन गया है। खास बात यह है कि इन स्थानों पर न निर्माण एजेंसी न ही प्रशासन ने कोई सतर्कता के इंतजाम किए हैं।

रीडगंज ओवरब्रिज के निकट गड्डे में धंसी कार, बाल-बाल बचे लोग

रीडगंज ओवरब्रिज के निकट सीवर लाइन के लिए की गई खोदाई में सोमवार रात एक कार धंस गई। बैरिकेडिंग के गिरे होने के कारण चालक गड्डा नहीं देख सका और गाड़ी उसी में धंस गई। हालांकि कोई चोटिल नहीं हुआ लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही जरूर उजागर हुई। मंगलवार को तेज हवाओं के कारण लगाई गई बैरिकेडिंग भी गिर गई है जिससे आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

"सर्वाधिक घटना ई-रिक्शा से हो रही है। इन्हें देखते हुए अब स्टेप बाई स्टेप कार्य होगा। नयाघाट से हनुमानगढ़ी तक पाइप लाइन बिछने के बाद ही आगे का काम होगा, ऐसा ही आगे भी होगा। एक सप्ताह में हनुमानगढ़ी रोड पाट कर सुचारू हो जायेगी। प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ रामपथ कार्य की निगरानी कर रहा है। जनता से भी अपील है कि निर्माण को देखते हुए सावधानी बरतें।"  - अमित सिंह, एडीएम ई, अयोध्या

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