लखनऊ: आरटीओ कार्यालय में बुर्जग को थप्पड़ मारने वाले आरोपी बाबू की जांच ठंडे बस्ते में
लखनऊ। लखनऊ ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ कार्यालय में 62 वर्षीय बुर्जग को थप्पड़ मारने वाले वरिष्ठ सहायक बाबू पवन त्रिपाठी की जांच पूरी होने के बाद भी परिवहन विभाग प्रशासन की ओर से जांच रिर्पोट ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। घटना के 14 दिन बाद भी परिवहन विभाग के उच्चधिकारी आरोपी बाबू पर कार्रवाई का निर्णय ही नहीं ले पा रहे हैं। जांच अधिकारी की ओर से जांच रिर्पोट सौंपने के बाद भी अधिकारी उसके बचाव में बयान तक दे रहे हैं।
जबकि दूसरी ओर दबंग आरोपी पवन त्रिपाठी बुर्जग पीड़ित राज कपूर गुप्ता को भी आये दिन धमकी दे रहा हैं कि शिकायत वापस ले लो नहीं तो अभी थी सिर्फ थप्पड़ मारा हूं आगे का तुम्हारा हश्र देखने लायक नहीं रह जायेगा। आरोपी वरिष्ठ सहायके भय के चलते पीड़ित की पत्नी की हालत बिगड़ गई है वह बीमार होकर बेड पकड़ ली है दबंग बाबू से पीड़ित के परिवार बच्चे पूरी तरह सहमे हुये हैं । पीड़ित अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहा है।
बता दें कि ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ कार्यालय में बीते 31 मई को वरिष्ठ सहायक पवन कुमार त्रिपाठी को 62 वर्षीय बुजुर्ग से अभद्र व्यवहार करने व थप्पड़ मारने के आरोप में कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से परिवहन आयुक्त कार्यालय मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है।
परिवहन मंत्री को सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना के सम्बंध में जानकारी मिली। उन्होंने इस प्रकरण को गम्भीरता से लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे घटनाक्रम से विभाग की छवि धूमिल हुई है। यह कृत्य अत्यन्त गम्भीर प्रकृति का है। ऐसे घटनाओं क्रियाकलापों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और सम्बंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
परिवहन मंत्री के निर्देशों के क्रम में अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) ने इस प्रकरण की प्रारम्भिक जांच के लिए श्वेता वर्मा सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया है और 6 जून, 2023 तक जांच आख्या मुख्यालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिये थे लेकिन घटना के चौदह दिन बीतने के बाद इस घटना पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया । ऐसे में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
लोगों का कहना है कि अगर एक कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय विभाग ही बचाव करेगा तो आने वाले दिनों में आवेदक आरटीओ कार्यालय जाने से भयभीत होगा । उधर सूत्रों का कहना है कि इस मामले में विभाग के उच्चधिकारियों के निर्णय का इंतजार है इसके बाद घटना की सच्चाई का वीडियों भी वायरल किया जायेगा।
