सीबीआई ने सीजीएसटी विभाग में रिश्वत गिरोह का किया भंडाफोड़, पांच लोग गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सीजीएसटी विभाग में रिश्वतखोरी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जबलपुर में एक व्यवसायी से कथित रूप से 7 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में दो अधीक्षकों और तीन निरीक्षकों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने इसके साथ ही छापेमारी में 83.26 लाख रुपये नकद जब्त किए। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। 

अधिकारियों ने कहा कि जबलपुर सीजीएसटी कार्यालय में नियुक्त अधीक्षकों कपिल कांबले और सोमेन गोस्वामी, निरीक्षक वीरेंद्र जैन, विकास गुप्ता और प्रदीप हजारी ने एक व्यापारी के कारखाने के लिए रिलीज ऑर्डर जारी करने के बदले एक करोड़ रुपये की कथित तौर पर रिश्वत मांगी थी। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, यह भी आरोप लगाया गया है कि जबलपुर में उपरोक्त अधीक्षकों और अन्य सीजीएसटी अधिकारियों द्वारा मई 2023 में कारखाना परिसर पर छापा मारने के बाद उसे सील कर दिया गया था। बातचीत के बाद, कथित रिश्वत राशि घटाकर 35 लाख रुपये कर दी गई थी। 

अधिकारियों के अनुसार, व्यवसायी पहले ही 25 लाख रुपये रिश्वत के रूप में दे चुका था और आरोपी उस पर शेष 10 लाख रुपये देने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने कहा कि व्यवसायी ने सीबीआई से शिकायत की कि उसे रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने आरोपों को सत्यापित करने के लिए प्रारंभिक जांच की। उन्होंने कहा कि इस बीच, एक समझौता किया गया और बकाया रिश्वत को घटाकर 7 लाख रुपये कर दिया गया। 

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने शिकायतकर्ता की सहायता से आरोपों का पहले ही सत्यापन कर लिया था और उस निर्दिष्ट स्थान पर तैयार थी जहां कथित रिश्वत का आदान-प्रदान किया जाना था। प्रवक्ता ने कहा, सीबीआई ने एक जाल बिछाया और दो अधीक्षकों और तीन निरीक्षकों को शिकायतकर्ता से 7 लाख रुपये की रिश्वत की मांग करते हुए पकड़ लिया। जबलपुर में आरोपी के आवासीय और कार्यालय परिसर सहित सात स्थानों पर छापा मारा गया, जिसके परिणामस्वरूप 83.26 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई।

ये भी पढे़ं- मणिपुर को लेकर सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुला रहे प्रधानमंत्री: कांग्रेस

 

संबंधित समाचार