भारत- अमेरिका के बीच व्यापार में तेज वृद्धि का यह सही समय: TCS North America Head

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Edited By Amrit Vichar
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वाशिंगटन। अमेरिका-भारत के बीच व्यापार में तेज वृद्धि का यह सही समय है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के उत्तर अमेरिका प्रमुख ने यह उम्मीद जताते हुए कहा कि देशों के बीच कारोबारी माहौल में सुधार हो रहा है और भारत की वृद्धि गाथा बड़ी संख्या में अमेरिकी कंपनियों को आकर्षित कर रही है। नॉर्थ अमेरिका टीसीएस के चेयरमैन सुरेश मुथुस्वामी ने पीटीआई-भाषा को एक साक्षात्कार में कहा, ''मैंने दोनों सरकारों की ओर से कारोबार के लिए इससे बेहतर माहौल नहीं देखा है। 

अमेरिकी कंपनियों की भारत के साथ सौदों में दिलचस्पी बढ़ रही है, खासकर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में।'' भारत-अमेरिका के बीच आपसी व्यापार 2000 से बढ़ रहा है, और यह सिर्फ 2020 से 2022 के बीच 120 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 191 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि हम सिर्फ शुरुआती प्रभाव देख रहे हैं। अमेरिकी सरकार की ओर से भारी दिलचस्पी है। भारत एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और उनकी भारत के साथ व्यापार करने में बहुत रुचि है। इसलिए, दोनों देशों के बीच व्यापार के तेजी से बढ़ने के लिए यह सही समय है।'' उन्होंने कहा कि अमेरिका की बात करें तो वहां प्रौद्योगिकी कंपनियों ने हमेशा नेतृत्व किया है और यह आगे भी जारी रहेगा।

 टीसीएस के अमेरिका में 1,000 से ज्यादा ग्राहक हैं। मुथुस्वामी ने कहा, ''हमारे पास वृद्धि के लिए बहुत गुंजाइश है।'' उन्होंने कहा कि प्रत्येक कंपनी प्रौद्योगिकी पर अपना खर्च बढ़ा रही है, सभी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ाना चाहती हैं। उनकी यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 20 से 23 जून तक अमेरिका की राजकीय यात्रा से पहले आई है।

 प्रधानमंत्री अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात करेंगे और अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। मुथुस्वामी ने कहा, ''हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति बाइडन प्रौद्योगिकी साझेदारी को बढ़ाने, हमारे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के महत्व पर भी चर्चा करेंगे।'' टीसीएस के उत्तर अमेरिका प्रमुख ने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5जी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी तकनीकों पर अमेरिका और भारत के बीच सहयोग की काफी संभावनाएं हैं।

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