बरेली: पेट्रोल पंप के लाइसेंस निरस्त की फाइल पर हस्ताक्षर, सिर्फ आदेश बनना बाकी

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बिल्डर रमनदीप सिंह के पेट्रोल पंप के लाइसेंस निरस्तीकरण का मामला

बरेली, अमृत विचार। बिल्डर रमनदीप सिंह के महानगर टाउनशिप के मुख्य गेट के पास स्थापित पेट्रोल पंप के लाइसेंस निरस्त करने की फाइल तैयार हो गई है। जांच में 76 वर्ग मीटर नगर सीलिंग की भूमि पर बनाने के साथ स्थान परिवर्तित समेत अन्य अनियमितताएं सामने आईं थीं।

लाइसेंस निरस्त करने की फाइल तैयार करने के दौरान सभी कानूनी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया गया। फाइल पर दो अफसरों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। अब आदेश बनना बाकी रह गया है। मंगलवार तक लाइसेंस निरस्त किए जाने के आदेश जारी हो सकते हैं। इसके बाद आदेश की कॉपी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजी जाएगी।

पंप निर्धारित गाटा संख्या पर न स्थापित कराने की बात सामने आने पर एसएसपी ने डीएम शिवाकान्त द्विवेदी को जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का आग्रह किया था। उपरोक्त कार्रवाई तहसील सदर के तहसीलदार राम नरायन सिंह की जांच आख्या के बाद की जा रही है। इसमें जिला पूर्ति अधिकारी की ओर से रमनदीप के लाइसेंस को निलंबित पहले ही किया जा चुका है।

पंप 695 और 696 गाटा की भूमि पर लगा था, इसी में सीलिंग की भूमि निकली
तहसील सदर की जांच पांच सदस्यीय कमेटी ने मौके पर जाकर जांच की थी, तब यह बात सामने आई कि पूर्व नायब तहसीलदार रिठौरा ने 20 अगस्त, 2004 की आख्या में पेट्रोल पंप गाटा संख्या 511 में प्रस्तावित होना वर्णित किया था लेकिन उसके स्थान पर ग्राम धौरेरा माफी के राजस्व ग्राम विहारमान नगला के गाटा संख्या 695 और 696 के आंशिक भाग पर पेट्रोल पंप स्थापित है।

ग्राम विहारमान नगला के गाटा संख्या 695 और 696 के आंशिक भाग में 76 वर्ग मीटर भूमि नगर सीलिंग की भी शामिल है। सपा सरकार में बरेली के डीएम रहे आईएएस डाॅ मूलचंद्र यादव ने 25 सितंबर 2004 में बिल्डर रमनदीप सिंह के धौरेरा माफी के गाटा संख्या 511 पर पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया था।

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