बरेली: तालाबों की भूमि पर पक्का निर्माण...मूल स्वरूप में लाए बिना निस्तारण

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Edited By Amrit Vichar
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चार पर कब्जे की बात आई सामने, रिपोर्ट में कह दिया कि यहां पुरानी आबादी है

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बरेली, अमृत विचार। संपूर्ण समाधान दिवस में 3 जून को बिथरी चैनपुर के गोपालपुर नगरिया अनूप गांव में पांच तालाबों पर कब्जे होने की शिकायत की गई। क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने मौके पर जाकर तालाबों पर कब्जे की जांच करते हुए एक पेज में आख्या उच्चाधिकारियों को प्रस्तुत की। जांच आख्या देखने से मालूम हुआ कि तालाबाें पर कब्जे की शिकायत के निस्तारण में खानापूरी की गई है। यहां तालाब मूल स्वरूप में नहीं हैं।

जांच आख्या में स्पष्ट लिखा है कि किस गाटा संख्या के तालाब पर किस तरह का कब्जा है या पुरानी आबादी बसी है लेकिन उन तालाबाें को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए तहसील स्तर पर कोई प्रयास नहीं किए गए। पक्का निर्माण होने, उपले थाेपने समेत लोगों के घर बनाने की वजह से तालाबों के मृत अवस्था में होने की पुष्टि जरूर कर दी।

तहसील सदर के अफसरों ने इस गंभीर शिकायत को संपूर्ण समाधान दिवस में आई शिकायत के कागजी निस्तारण के तौर पर देखा है। यही वजह है कि गोपालपुर नगरिया अनूप जैसे कई गांव हैं जहां तालाबों पर कब्जे हैं और उन तालाबों को मूल स्वरूप में लाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

क्या कहती है कि लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की आख्या
नरियावल क्षेत्र के लेखपाल विनय कुमार और राजस्व निरीक्षक प्रदीप शर्मा ने अपनी संयुक्त जांच आख्या में बताया है कि संपूर्ण समाधान दिवस में बलराम सिंह पुत्र अतिराज सिंह निवासी ग्राम गोपालपुर नगरिया अनूप ने शिकायत करते हुए कहा था कि गांव स्थित तालाब गाटा संख्या 357 क, 359 क, 401, 516 व 523 पर अवैध कब्जा है। उक्त प्रकरण में स्थलीय और अभिलेखीय जांच की गई।

जांच आख्या के अनुसार उपरोक्त सभी गाटा संख्याओं की भूमि राजस्व अभिलेखों में श्रेणी-6-1 में तालाब के नाम अंकित है। गाटा संख्या 357 क/0.1550 हेक्टेयर के तीन तरफ से रास्ता है। इस तालाब के आंशिक भाग पर उपले बगैरह (अस्थायी अतिक्रमण) है। जिसको हटवाने के लिए कह दिया गया है। शेष भाग रिक्त होना बताया। गाटा संख्या 359 क/0.1260 हेक्टेयर पर चकबंदी के समय से पुरानी आबादी बसी है।

गाटा संख्या 401/0.3410 हेक्टेयर के आंशिक भाग पर बुनियाद व पक्का आवासीय निर्माण है जोकि अनुसूचित जाति के परिवार निवासरत हैं। शेष भाग रिक्त होना बताया। गाटा संख्या 516/0.5440 हेक्टेयर ग्राम की आबादी से दूर है। कोई निर्माण नहीं होना बताया।

गाटा संख्या 523/0.1260 हेक्टेयर पर चकबंदी के समय से पुरानी आबादी बनी है। ऐसे में पुरानी आबादी बनी होने के कारण आवास की वैकल्पिक व्यवस्था होने तक ग्रामीणों को विस्थापित किया जाना संभव नहीं है। इसलिए प्रार्थना पत्र निक्षेपित किए जाने के लिए आख्या प्रेषित है।

तहसीलदार-एसडीएम ने भी आख्या पर दे दी सहमति
लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की तालाबों पर कब्जे की जांच आख्या पर तहसीलदार सदर और एसडीएम सदर ने भी सहमति जताते हुए बलराम सिंह के प्रार्थना पत्र को निस्तारित करते हुए रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड कर दी।

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