बरेली: मैसर्स सिविल एंड मिलेट्री होटल पर एनजीटी ने लगाया 9.40 लाख का जुर्माना, जानिए मामला

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कार्रवाई की नोटिस जिला प्रशासन से मिलने के बाद होटलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने की बैठक

फोटो- कार्रवाई के विरोध में बैठक करते होटलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन के लोग।

बरेली, अमृत विचार। पर्यावरण क्षतिपूर्ति के मामले में एनजीटी की ओर से मैसर्स सिविल एंड मिलेट्री होटल पर जुर्माना लगाने और जिला प्रशासन की ओर से दी गई नोटिस के विरोध में रविवार को होटलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन की कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें कई पहलुओं पर चर्चाएं करते हुए कार्रवाई को होटलियर के माैलिक अधिकारों का हनन बताया गया।

एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह ने मैसर्स सिविल एंड मिलेट्री होटल स्टेशन रोड को 3 जून को एनजीटी की कार्रवाई की नोटिस भेजी थी, जिसमें बताया गया कि 1 अक्टूबर 2017 से 12 जून 2022 तक संस्थान पर नौ लाख 40 हजार 274 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

बताया गया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के नियमों के विपरीत जल दोहन किया गया। इसी को लेकर होटलियर ने बैठक कर जुर्माने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट जाना या फिर कानूनी पहलुओं को देखते हुए समस्या के हल तलाशने पर चर्चा की।

एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपेश अग्रवाल ने कहा कि स्टेशन रोड स्थित होटल ईस्ट लाइट में हुई बैठक का मुख्य एजेंडा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा होटलियर्स को जारी नोटिस और जुर्माना था। बैठक में होटलियर्स ने कार्रवाई की निंदा कर कहा कि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

कहा कि पानी के मौलिक अधिकार का भी हनन है। अध्यक्ष ने कहा कि इस बात की भी चर्चा हुई कि उप्र. होटलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन प्रदेश के अन्य नौ जिलों की एसोसिएशन काे साथ लेकर याचिका दाखिल करेगी। कानूनी सलाहकार के तौर पर और लीगल मामलों को देखने के लिए शवेतांक अस्थाना के साथ सतवंत सिंह चड्डा, दिनेश शर्मा, पुनीत सक्सेना को भी नामित किया गया। कोषाध्यक्ष के तौर पर दिनेश शर्मा नामित हुए हैं। धीरेन्द्र वीर सिंह, दीपक अग्रवाल, शुजा खान, सतीश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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