प्रयागराज : नहीं खारिज होगा भगवान हनुमान की अपमानजनक तस्वीर पोस्ट करने वाले आरोपी के खिलाफ मामला
प्रयागराज, अमृत विचार। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टैगलाइन के साथ भगवान हनुमान की अपमानजनक तस्वीर पोस्ट करने वाले आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामले को खारिज करने से इनकार करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राथमिकी में दर्ज आरोपों को 'चौंकाने वाला' करार दिया है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की एकलपीठ ने राजेश कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। इसके साथ ही कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि एक बार मजिस्ट्रेट सबूतों का अवलोकन करने के बाद जब इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है, तब वह संज्ञान लेता है। ऐसी स्थिति में हाईकोर्ट को सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दी गई निहित शक्ति का उपयोग नहीं करना चाहिए, जब तक आदेश पूर्व दृष्टया अवैध ना हो, इसलिए अदालत ने वर्तमान आवेदन में हस्तक्षेप करने और विचार करने से इंकार कर दिया।
गौरतलब है कि मौजूदा मामले में अभियुक्तों ने चार्जशीट और सम्मन आदेश के साथ-साथ पुलिस स्टेशन मिलाक, रामपुर में आईपीसी की धारा 505 (2)/ 295(ए) और आईटी अधिनियम की धारा 67 के तहत दर्ज आपराधिक मामले की पूरी कार्यवाही को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जांच के बाद मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया और अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री का अवलोकन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि आरोपी के खिलाफ मामला बनता है।
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