प्रयागराज : प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने वाले आरोपी को अंतरिम राहत
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने वाले व्यक्ति मोहम्मद फरहान को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए कहा कि आरोपी की ओर से कहे शब्द आईपीसी की धारा 504 के दायरे में नहीं आते हैं, इसलिए उसे अगली सुनवाई तक या पुलिस रिपोर्ट के जमा होने तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया जाता है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति नंदप्रभा शुक्ला की खंडपीठ ने आईपीसी की धारा 504 और आईटी अधिनियम की धारा 66 के तहत पुलिस थाना करैली, नगर (कमिश्नरेट प्रयागराज) में 1 अप्रैल 2023 को दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने के दौरान पारित किया।
गौरतलब है कि अभियुक्त पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा कि वह देश के लिए वायरस हैं और समय रहते इसका इलाज बहुत जरूरी है, नहीं तो यह वायरस पूरे देश को खा जाएगा। आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आईपीसी की धारा तब लागू होती है, जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी अन्य व्यक्ति का अपमान करता है, लेकिन यह टिप्पणी एक राजनीतिक टिप्पणी थी और इसका उद्देश्य सार्वजनिक शांति भंग करना कतई नहीं था। मालूम हो कि अभियुक्त एक राजनीतिक दल के प्रवक्ता हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी अपने राजनीतिक बयान के दौरान की।
अंत में कोर्ट ने यह देखते हुए कि याची की ओर से कहे गए शब्द आईपीसी के दायरे में नहीं आते। अतः अदालत ने अभियुक्त को राहत देते हुए प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने और उसके बाद दो सप्ताह के अंदर याची को प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने की स्वतंत्रता दी।
ये भी पढ़ें -बहराइच : किराना की दुकान में शार्ट सर्किट से लगी आग, पांच लाख का नुकसान
