बरेली: जिला अस्पताल के तीनों रास्तों पर मुसीबत, समस्या को लेकर असमंजस में स्वास्थ्य विभाग के अफसर
बरेली, अमृत विचार। कुतुबखाना फ्लाईओवर के निर्माण के लिए जिला अस्पताल का मेन गेट बंद करने के सिवा कोई चारा नहीं है। मरीजों के आने के लिए दो और रास्ते हैं लेकिन इन दोनों पर भी अलग तरह की मुश्किलें हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस समस्या को लेकर असमंजस में हैं। समस्या कैसे हल होगी, इसे प्रशासन पर छोड़ दिया गया है।
जिला अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए नया संकट इंतजार कर रहा है। निर्माणाधीन कुतुबखाना पुल का निर्माण अब अस्पताल के मेन गेट के सामने होगा, ऐसे में अफसरों के मुताबिक इस गेट को बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है। यह अलग बात है कि अभी इस संबंध में कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही इस बारे में निर्णय हो जाएगा। जिला अस्पताल के दो और रास्ते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर मगजमारी कर रहे हैं कि इनमें से कौन सा रास्ता मरीजों के साथ एंबुलेंस आने के लिए भी उपयुक्त रहेगा। हालांकि समस्याएं इन दोनों रास्तों पर भी हैं।
मुश्किल नंबर- 1
जिला पंचायत रोड
करीब छह महीने पहले जब कुतुबखाना फ्लाईओवर का निर्माण शुरू हुआ था तो जिला अस्पताल से कोतवाली वाला रास्ता बंद करके मरीजों और एंबुलेंस के लिए जिला पंचायत रोड पर कर्मचारी आवासों की तरफ वाली दीवार तोड़कर रास्ता बनाया गया था। इस बार अफसर यह रास्ता भी बंद करने की बात कह रहे हैं।
मुश्किल नंबर- 2
कोतवाली रोड
सेतु निगम के अफसरों के अनुसार जिला पंचायत रोड वाला रास्ता बंद होने के बाद मेन गेट बंद होने तक कोतवाली से जिला अस्पताल तक आने वाले पुराने रास्ते से मरीज आ-जा सकेंगे लेकिन इस रास्ते पर पुल निर्माण के लिए बड़े-बड़े लोहे के गर्डर रखे हुए हैं। रास्ता काफी संकरा भी हो चुका है। इस वजह से एंबुलेंसों का इस रास्ते से गुजरना संभव नहीं रह गया है।
मुश्किल नंबर- 3
सीएमओ ऑफिस गेट
अफसर मेन गेट बंद होने के बाद सीएमओ कार्यालय में बने दूसरे गेट से मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही के लिए सहमत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन यह गेट संकरा है और इस गेट से दो छोटे वाहन भी एक साथ नहीं प्रवेश कर सकते। कहा जा रहा है कि मरीज तो आ-जा सकते हें लेकिन इस गेट से एंबुलेंस का आना संभव नहीं है।
326 बेड का है जिला अस्पताल
270 मरीज भर्ती हैं जिला अस्पताल के वार्डों में
500 से 700 मरीज आते हैं रोज ओपीडी में
100 से 150 तक मरीज रोज होते हैं भर्ती
फ्लाईओवर का काम अब अस्पताल के मेन गेट पर हो रहा है। इसी वजह से एंबुलेंस रास्ते में फंस रही हैं। मेन गेट बंद करने की बात हो रही है। हालांकि अभी कोई लिखित आदेश नहीं आया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. अलका शर्मा, एडीएसआईसी जिला अस्पताल
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