अयोध्या: गोशालाय ही नहीं यहां गौ सहभागिता योजना भी बेहाल, जानें वजह
अयोध्या/अमृत विचार। जिले में शासन की महत्वाकांक्षी गौ सहभागिता योजना का हाल बेहाल है। जिन लाभार्थियों ने बड़ी उम्मीद से गौ वंश को भरण पोषण के लिये लिया था उनके लिए भरण पोषण की धनराशि तक मुहैया नहीं हो पा रही है। हालत है कि भुगतान नियमित नहीं संभव हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में इस योजना से लाभार्थियों का मोह भंग हो रहा है।
गौ सहभागिता योजना में जिले में कुल 1300 लाभार्थी हैं। जबकि गौशालाओं की संख्या कुल 35 है। इन लाभार्थियों को गौशालाओं के माध्यम से गौवंश भरण पोषण के लिए प्रदान किए गए हैं। प्रत्येक गौवंश पर 30 रुपए प्रति दिन या फिर माह में 9 सौ रुपए लाभार्थियों को दिए जाने का प्रावधान है। शुरुआती दौर में तो यह योजना ठीक ठाक चली मगर अब इस योजना में लाभार्थियों को भरण पोषण धनराशि के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। आलम है कि पिछले दिसंबर से लेकर अप्रैल तक का भुगतान अब जून में किया गया है जबकि मई और जून का भुगतान अटका पड़ा है।
अगले भुगतान के लिए अभी पत्रावली आगे बढ़ाई जा रही है। जिस तरह से इस योजना में लापरवाही की जा रही है। उससे गौ सहभागिता अपनाने वालों का भी मायूस होना पड़ रहा है। बता दें कि पांच माह पहले लाभार्थियों की संख्या करीब 1700 थी जो अब घट कर 1300 हो गई है। विभाग का तर्क है कि भुगतान के कारण नहीं चयनित व्यक्तिगत कारणों से गोवंश भरण की जिम्मेदारी छोड़ रहे हैं जबकि सच्चाई यह है कि योजना के हाल को लेकर लाभार्थी घट रहे हैं।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब शुरू की गई है कवायद
गौ सहभागिता योजना में फर्जीवाड़ा रोकने को अब व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। इसके अर्न्तगत अब हर माह 20 से 30 तारीख के बीच लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद ही भुगतान सुनिश्चित होगा।
जिम्मेदारों का कहना है कि योजना में पिछले समय फर्जीवाड़े की शिकायतें आई थी। ग्रामीण क्षेत्र में जहां लेखपाल और पंचायत सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर वाली सूची के आधार पर लाभार्थियों को भुगतान होगा। वहीं शहर क्षेत्र में पशुधन प्रसार अधिकारी की ओर सत्यापन कर दी गई सूची के आधार पर लाभार्थियों को भुगतान होगा। हालांकि अभी इसकी कवायद चल रही है। बताया जाता है डीबीटी प्रणाली लागू की जायेगी।
गो सहभागिता योजना जिले में सुचारू रूप से संचालित हैं। बीते कुछ माह के भुगतान में विलम्ब जरुर हुआ था जिसे अब कर दिया गया है। मई और जून का भुगतान भी शीघ्र होगा। हां लाभार्थियों की संख्या जरूर घटी है ...डॉ जगदीश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अयोध्या।
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