हल्द्वानी: बीमा पॉलिसी रद्द कराने के नाम पर हड़प लिए 36 लाख रुपये

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। बीमा पॉलिसी रद्द कराने के लिए एक व्यक्ति ने 36 लाख रुपये से ज्यादा गवां दिए। जालसाजी का खेल कई दिन तक चला और जालसाज छोटे निवेश पर बड़े मनाफे का झांसा देते रहे और पीड़ित को लूटते रहे। इस खेल को जालसाजों ने बीमा अधिकारी बनकर अंजाम दिया। अब इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 
   

पुलिस को दी तहरीर में ओमैक्स रिवेएरा एब्रोसी पंतनगर ऊधमसिंहनगर निवासी राजेंद्र कुमार पुत्र टीएम जगदीश ने कहाकि वह सिडकुल पंतनगर स्थित टीवीएस कंपनी में बतौर प्लांट हेड काम करते हैं। उन्होंने वर्ष 2021 से 2022 के बीच विभन्न इंश्योरेंस कंपनियों से 7 बीमा पॉलिसी खोली गयी थी, जिसकी पहली किस्त 6,34,028.93 रुपये वह जमा कर चुके थे।

फिर उन्होंने पॉलिसी बंद करने का फैसला कर लिया और दूसरी किस्त जमा नहीं की। पॉलिसी चालू रखने के लिए उनके पास फोन आने लगे। फिर अश्वनी रस्तोगी के नाम से फोन आया और बताा कि वह आईआर डीए कार्यलय, जीवन तारा बिल्डिंग नई दिल्ली में सीनयर ऑफिसर है।

कहा कि वह पॉलिसी रद्द कराने में मदद कर सकता है। उसने पॉलिसी लिस्ट मांगी और मेल पर एक पत्र भेजा। जिसमें पॉलिसी में जमा धनराशि को रद्द कर पूरी धनराशि प्राप्त करने के लिए 37,613 रुपए जमा करने को कहा गया। उनके पैसे जमा करते ही 15 लाख रुपये एक मुश्त मिलने का झांसा दिया गया।

फिर उन्हें जीएसटी न भरने का झांसा देकर दो बार में 2,70,820 रुपये ले लिए गए। फिर अश्वनी के बाद राजन नंदा ने पीड़ित ने बात शुरू कर दी और कहा, सरकार 50 लाख रुपये से नीचे की धनराशि क्लियर नही कर रही है। हमें दूसरे तरीकों से रुपये क्लीयर करने होंगे और मेल पर फिर एक पत्र भेज दिया। इस बार मिलने वाले 15 लाख रुपये को इंवेस्टमेंट के तौर पर दिखाया गया और बताया आप एनआरआई सिल्वर केटेग्री के तहत अगर 15,85,650 रुपये जमा करते हो तो आपको कुल 67,90,055 रुपये का फायदा होगा। पीड़ित 15,85,650 रुपये जमा कर दिए। इसके बाद दुर्गेश कुमार का फोन आया और कहा, 67,90,055 रुपये का चेक भेजा दिल्ली कार्यालय से रिसीव कर लें।

वह चेक लेने पहुंचे तो कहा गया कि राजन नंदा का एक्सीडेंट हो गया और अब चेक बाद में मिलेगा। इसके बाद फिर एक मेल आया और बताया कि जमा धनराशि को प्लेटीनियन कैटेगरी में रखकर 21,92,139.85 रुपये जमा करने पर लगभग 2 करोड़ 15 रुपये मिलेंगे।

इस पर भी पीड़ित ने यकीन कर लिया और 17,31,300 रुपये जमा कर दिए। जालसाजों ने 2 करोड़ रुपये से कमीशन काट कर करीब 94 लाख का चैक पीड़ित के घर भेज दिया और यह चेक 3 बार बैंक में बाउंस हो गया। जिसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ, लेकिन अब तक वह 36,26,384 रुपये गवां चुके थे। 

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