Jalaun: जेडीसी बैंक के 39वें अध्यक्ष निर्वाचित हुए बृजभूषण सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री के प्रतिनिध रविकांत उपाध्यक्ष निर्वाचित

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

जालौन में जेडीसी बैंक के 39वें अध्यक्ष निर्वाचित हुए बृजभूषण सिंह।

जालौन में जेडीसी बैंक के 39वें अध्यक्ष बृजभूषण सिंह निर्वाचित हुए। केंद्रीय राज्यमंत्री के प्रतिनिध रविकांत उपाध्यक्ष निर्वाचित, निर्विरोध जेडीसी चुनाव संपन्न हुआ।

जालौन, अमृत विचार। जेडीसी बैंक के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव शुक्रवार को  निर्विरोध  रूप से सम्पन्न हो गया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह 'मुन्नू' 39वें अध्यक्ष के रूप में आसीन हुए।  केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतिनिधि रविकांत द्विवेदी उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इस दौरान समर्थकों और पार्टीजनों ने उन्हें फूलमालाओं से लाद दिया। खुशी मनाने का दौर शाम तक चलता रहा। इस दौरान मिष्ठान वितरण किया गया।

जेडीसी संचालक के चुनाव के बाद ही अध्यक्ष के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता  साफ हो चुका था। निर्वाचन अधिकारी के समक्ष सभी पदों के लिए एक एक नामांकन हुआ। दो बजे के बाद सभी को प्रमाण पत्र बांट दिए गए। बृजभूषण सिंह 39 वें क्रम के सभापति बने। उपाध्यक्ष बनने का एक कठिन अवसर रविकांत द्विवेदी को मिल पाया।

जयकारों के बीच विजय समारोह हुआ जिसमें अरविंद गौतम,अवध शर्मा आदि ने विचार रखे। इस अवसर पर सभी संचालकों सहित  पूर्व विधायक संतराम सेंगर, पूर्व जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल, नागेंद्र गुप्ता,अरविंद चौहान, उर्विजा दीक्षित, रेखा वर्मा, विनोद गुर्जर, पुष्पेंद्र सेंगर,अक्षय त्रिपाठी, सुरेश गौर,अनीता वर्मा, डॉ प्रवीण जादौन, लक्ष्मण बाबानी, नागेंद्र गुप्ता, मनोज भान, डिम्पल सिंह, महेंद्र कैंथवा,  डग्गू पांडेय,मनोज राजपूत, मनोज पालीवाल, महेश पांडेय, दिनेश तिवारी, विनोद अग्निहोत्री, पवन प्रताप राजावत, राघवेंद्र जादौन, अखिल जेतली, भगवानदास शुक्ला, संजीव गुर्जर, संजय हावर्ड, संजय त्रिपाठी, दिलीप श्रीवास्तव, गिरधर खरे, डा.अखंड प्रताप सिंह, अभय द्विवेदी, रामप्यारे तिवारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संचालन युद्धवीर सिंह कंथरिया ने किया।

पूरे समय तक वहां के वातावरण में वो गर्मजोशी नहीं दिखी, जैसी की भाजपा के कार्यक्रमों में दिखती रही। डीसीडीएफ और जेडीसी बैंक के चुनावों को लेकर भाजपा के ताकतवर लोगों में अपनी- अपनी ताकत को लेकर जिस तरह से जोर आजमाइश हुई इसका एक और उदाहरण फिर से देखने को मिला।

जेडीसी चुनाव में हावी रहा सांसद गुट

जेडीसी के चुनावों में केंद्रीय राज्य मंत्री व क्षेत्रीय सांसद गुट की जीत रही और विधायक गुट की रणनीतियां कारगर नहीं हो पाईं। उरई विधायक के लिए तो आरक्षण तक बदल दिया गया। इससे उनके बेटे के बैठने की सम्भवना नहीं बन पाई। माधौगढ विधयक भी कुछ नहीं कर पाए।

जिलाध्यक्ष का जल्दी जाना बना चर्चा का विषय

दोनों ही पदों के चुनाव निर्विरोध प्रक्रिया के तहत पूरे हुए। इस दौरान पार्टी के दोनों विधायक मूलचन्द्र निरंजन, गौरीशंकर वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी तथा जिला कार्यकारणी के कई मुख्य पदाधिकारी चुनाव स्थल नहीं पहुंचे। जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह सेंगर भी महज कुछ समय ही तक रूके और कार्यक्रम शुरु होने के पूर्व ही यहां से चले गए। उनके जाते ही वहां चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कहा जा रहा है उपाध्यक्ष पद वह अपने पिता के लिए चाहते थे लेकिन मंत्री गुट ने रविकांत का पर्चा भरवा दिया।

ऐसा बना डेलीगेशन

शैलेन्द्र पांडेय डग्गू (पीसीयू), युद्धवीर सिंह ( पीसीएफ), बृजभूषण मुन्नू, अभिमन्यु सिंह डिम्पल, ममता ( यूपीसीवी), मनोज भान वर्मा ( उप्र वित्त निगम , कानपुर ), आलोक दीक्षित(  उप्र सहकारी विक्रिपण एवं तिलहन विकास संघ, लखनऊ) ।

संबंधित समाचार