Chitrakoot: जलजीवन मिशन के पाइप चोरी के आरोपी की जमानत हुई खारिज, सत्र न्यायाधीश ने प्रार्थनापत्र किया निरस्त
चित्रकूट में जलजीवन मिशन के पाइप चोरी के आरोपी की जमानत हुई खारिज।
चित्रकूट में जलजीवन मिशन के पाइप चोरी के आरोपी की जमानत खारिज हुई। सत्र न्यायाधीश ने प्रार्थनापत्र निरस्त किया।
चित्रकूट, अमृत विचार। जलजीवन मिशन के पाइप चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी का जमानत प्रार्थनापत्र सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने निरस्त कर दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि 26 अप्रैल 2023 को अशोक कुमार ने रैपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी कंपनी द्वारा जलजीवन मिशन के अंतर्गत थाना क्षेत्र के अंतर्गत देंउधा गांव में पाइप बिछाए जा रहे हैं। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे उन लोगों ने पाइप रखे थे। 25-26 अप्रैल की रात कुछ लोग लाल रंग की डीसीएम से 42 पाइप चुराकर कर्वी की ओर ले गए। ये पाइप जल व्यवस्था में लगाए जाने के लिए रखे थे। इनकी कीमत लगभग 3,15,000 रुपये थी।
पाइप से लदा वाहन पकड़ने के बाद इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें पुलिस ने एक बड़े गिरोह का खुलासा भी किया था। बताया था कि आरोपी कूटरचित दस्तावेज तैयार करके पाइप चुराने के बाद कानपुर में बेच आते थे। 12वीं बार चोरी का मामला पकड़ा गया था तथा पूरे गिरोह द्वारा कुल 11 ट्रक माल को 27,00,000 रुपये में बेचने का मामला सामने आया था।
इस मामले में आरोपी बिहार के रोहतास जिले के दिनारा थाने के कुसही गांव के निवासी विकास कुमार पुत्र जयराम सिंह जेल में बंद है। विकास ने इस मामले में अधिवक्ता के जरिए न्यायालय में जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने आरोपी का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।
