शाहजहांपुर: टिकोला मेले में जुआं बंद कराने पहुंची पुलिस, खाली हाथ लौटी
न कोई गिरफ्तारी न बरामदगी, एएसपी बोले- बंद करा दिए गए फड़, मेले में जुएं का खेल नहीं होने दिया जाएगा
शाहजहांपुर/जलालाबाद, अमृत विचार। थाना जलालाबाद क्षेत्र में पांडव काल से खेला जा रहा टिकोला मेला के जुए पर पिछले साल से कार्रवाई शुरू हुई है, लेकिन बरामदगी के मामले में पिछले साल पुलिस की खानापूर्ति पर सवाल लगे थे। वहीं इस बार पुलिस ने फड़ बंद कराने का दावा तो किया, लेकिन गिरफ्तारी या बरामदगी कोई नहीं कर सकी।
एएसपी ग्रामीण संजीव कुमार वाजपेयी से जब इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पुलिस पहुंचने से पहले ही फड़ लगाने वाले और जुआ खेलने वाले गायब हो गए। इससे प्रतीत होता है कि पुलिस की छापेमारी की सूचना लीक हो गई थी। बहरहाल, पुलिस का दावा है कि मेले में जुए के फड़ बंद करा दिया गए है और जुआ खेलने नहीं दिया जाएगा।
जलालाबाद से पांच किलोमीटर दूर बहगुल नदी के किनारे टिकाला मेला 15 दिन के लिए लगता है। यह मेला बहगुल नदी के किनारे लगता है। टिकोला मेले काली माता का मंदिर है, लोग काली माता की पूजा करते है। यहां पर जुआ खेलने की प्रथा कई साल से चली आ रही है। जुएं के कई फड़ लगते है। जुआ खेलने के लिए कई जिलों के लोग मेले में आते है। जुआ काफी बड़ा होता है। अनुमान लगाया जाता है कि लाखों रुपये का जुआ हो जाता है। जबकि मेले में पुलिस भी मौजूद रहती है। उसके बाद भी जुएं के फड़ लगे रहते है। एक साल पहले पुलिस ने जुएं के फड़ पर छापा मारा था। जुआरी बहगुल नदी में कूद गए थे और दो जुआरियों की मौत हो गई थी। पिछले साल कोतवाल जयशंकर सिंह थे। उन्होंने एक दर्जन जुआरी को पकड़कर चालान कर दिया था। लेकिन मेले में जुआ खेलने की प्रथा बंद नहीं हुई।
बहरहाल, पुलिस का दावा है कि सोमवार को जलालाबाद प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सोलंकी ने सिपाहियों को साथ में लेकर पुलिस ने छापा मारकर जुआ बंद करा दिया। साथ ही टिकोला मेले में पुलिस ने डेरा डाल दिया। पुलिस ने कई साल से मेले में चल रहे जुएं को बंद करा दिया। पुलिस ने चेतावनी दी है कि जुआ खेलने वालों को किसी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इस बाबत एएसपी ग्रामीण संजीव कुमार बाजपेयी ने बताया कि टिकोला मेला में कोई भी जुएं का फड़ नहीं लगेगा। मेले पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स लगा दिया गया है।
...तो लीक हो गई पुलिस की छापेमारी की सूचना
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जलालाबाद के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सोलंकी के निर्देशन में सोमवार को टिकोला मेला में उस स्थान पर छापेमारी की थी, जहां जुएं के फड़ लगाकर लाखों को जुआ खेला जाता है। हैरानी की बात है कि प्लानिंग के साथ की गई छापेमारी के बाद भी पुलिस के हत्थे कुछ भी नहीं लगा। पुलिस जुए के फड़ बंद कराने का दावा तो कर रही है, लेकिन कैसे बंद कराया, जब वहां कुछ मिला ही नहीं? इस सवाल पर चुप्पी साध लेती है। एएसपी ग्रामीण कहते हैं कि जुआ खेलने और फड़ लगाने वाले भीड़ का फायदा उठाकर भाग निकले। ऐसे में साफ है कि जुए के फड़ लगाने वालों को पुलिस के आने की सूचना पहले ही मिल चुकी थी, जिससे वह समय रहते भाग निकले अन्यथा पुलिस के हत्थे न सर्फ जुआरी चढ़ते, बल्कि माल की बरामदगी भी होती।
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