अयोध्या: अंतर्जनपदीय तबादले से 1663 शिक्षकों की हुई घर वापसी, 739 ने छोड़ा जिला

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Edited By Amrit Vichar
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पांचों जिलों में सिर्फ तीस प्रतिशत पुरुष शिक्षकों को मिला तबादले का लाभ, 70 फीसद महिला शिक्षक

अयोध्या,अमृत विचार। आखिरकार तीन महीने से बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही अन्तरजनपदीय तबादला प्रक्रिया को ठौर मिल ही गया। बार - बार तिथि बदलाव के बाद सोमवार देर शाम बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से तबादला सूची जारी की गई। हालांकि इस तबादले में अयोध्या मंडल के जिलों की बल्ले-बल्ले हो गई है। तबादला सूची के अनुसार अयोध्या मंडल में कुल 1663 शिक्षकों की उनके घर वापसी हुई है जबकि 739 शिक्षक बाहर से यहां अपने घर पहुंच गए हैं। तबादला प्रक्रिया में 70 फीसदी महिला और 30 प्रतिशत पुरुष शिक्षक लाभान्वित हुए हैं।

बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी तबादला सूची के अनुसार अयोध्या मंडल के बाराबंकी जिले में सर्वाधिक 532 शिक्षकों की आमद हुई है जबकि मंडल के अमेठी जिले से सर्वाधिक 267 शिक्षक अपने जिलों को गए हैं। अयोध्या मंडल के जिलों से स्थान्तरित शिक्षकों में अमेठी से 267, अम्बेडकरनगर से 81, अयोध्या से 88, बाराबंकी से 93 और सुल्तानपुर से 210 शिक्षकों के तबादले हुए हैं। जबकि मंडल के जिलों में आने वाले शिक्षकों में अम्बेडकरनगर में 349, अमेठी में 170, अयोध्या में 402, बाराबंकी में 532 और सुल्तानपुर में 210 की आमद हुई है।

खास बात यह है कि अन्तरजनपदीय तबादले में गैर जनपद कार्यरत महिला शिक्षकों को अधिक तव्वजो दी गई है। सोमवार देर शाम तबादला सूची जारी होने के बाद स्थान्तरित शिक्षकों में खुशी छाई हुई है। लम्बे अर्से से अन्य जनपदों में तैनात अपने गृह जिले में वापसी को लेकर तैयारी में जुट गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि स्थानान्तरित शिक्षकों को कार्यमुक्त और कार्यभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से गाइडलाइन की प्रतीक्षा की जा रही है।

अब नहीं चलेगा मंडल में शिक्षकों की कमी का बहाना
अब तक शिक्षकों की कमी का बहाना कर खामियां छिपाने वाले बेसिक शिक्षा विभाग को काम दिखाना होगा। अभी तक अयोध्या मंडल में 745 शिक्षकों की कमी को आगे रख विभाग की ओर से कन्नी काट ली जाती थी लेकिन अन्तरजनपदीय तबादले की प्रक्रिया के बाद बहाने पर ताला लग गया है। मंडल के सभी जिलों में पर्याप्त शिक्षकों की आमद हो गई है। दो जुलाई से परिषदीय स्कूल खुलने हैं। तीन चार दिन में कार्यभार ग्रहण कराए जाने की कवायद हो जायेगी। उसके बाद जिलों में आए शिक्षकों को सबसे पहले एकल शिक्षक वाले स्कूलों और उसके बाद कम शिक्षकों वालों में भेजा जायेगा। पठन-पाठन भी व्यवस्थित तरीके से होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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