घोटाला : अनुदान योजना में खेल, 24 बेटियों के बने 48 पति
64 लाख का घोटाला, डीएम बोले होगी जांच
प्रयागराज, अमृत विचार। 24 बेटियों के 48 पति, यह सुनकर बड़ा अटपटा लग रहा होगा। दरअसल यहां शादी अनुदान योजना के नाम पर किये गये बड़े घोटाले की बात की जा रही है। जिसका खुलासा एक युवक की शिकायत पर हुआ है। जिसमें समाज कल्याण अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। इस घोटाले मे कुल 64 लाख का वारा-न्यारा किया गया है। गरीब बेटियों की हकीकत में शादी एक बार हुई। लेकिन कागज में अधिकारियो ने दो बार शादी कराते हुए सारे रुपए हड़प कर लिए और 24 बेटियों के 48 पति बन गए। जबकि हकीकत में ये संख्या महज 24 है। इस मामले मे डीएम ने एसआईटी टीम गठित कर जांच शुरु करा दी है।
बता दें कि सरकार का बजट हड़पने के लिए अफसरों ने सारे नियमों को ताक पर रख दिया। समाज कल्याण विभाग द्वारा गरीब परिवार की बेटियों को सरकार की तरफ से मिलने वाले अनुदान में विभागीय अधिकारियों ने लंबा घोटाला किया है इस घोटाले में विभाग के कई कर्मचारी शामिल हैं। मामले की शिकायत उपेंद्र पटेल नामक एक व्यक्ति ने लखनऊ में की थी ,उपेन्द्र की शिकायत पर यह बड़ा खुलासा हुआ। जिससे विभाग में खलबली मच गई है। एक बेटी के नाम पर दो रजिस्ट्रेशन कराते हुए 24 बेटियों के नाम पर यह खेल किया गया है। उनका रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर दो बार अंकित कराया गया है। इसके बाद एक बेटी के नाम पर 2-2 बार बजट शासन से लिया गया। एक बेटी के नाम पर 20 हजार रुपए के बजाय 40 हजार रुपए का बजट सरकार से लिया गया। यह घोटाला तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी रहे प्रवीण कुमार सिंह के कार्यकाल में हुआ था। प्रवीण सिंह अन्य दूसरे मामले में निलंबित भी किए जा चुके हैं। अभी हाल में उनकी जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है।
जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद जांच शुरू करा दी गई है। दोषी पाए जाने वाले अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इनके नाम पर लिया गया अनुदान
पूजा शुक्ला पुत्री अखिलेश नारायण का रजिस्ट्रेशन दो अलग-अलग तारीख में किया गया। पहला रजिस्ट्रेशन 18 मई 2021 को किया गया था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 31451688912 है। जबकि दूसरा रजिस्ट्रेशन 30 अगस्त 2021 को किया गया, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 31451809262 है।फिर शादी के अनुदान के नाम पर दो बार बजट मंगाया। इन नामों समेत कुल 24 नाम शामिल हैं।
राखी पुत्री अशोक नारायण
अंकिता पांडेय पुत्री बजरंग प्रसाद
कुमारी साधना पुत्री बरम देई
सुषमा कुमारी पुत्री भोलानाथ
सुशीला पुत्री बुधानी
सोनम तिवारी पुत्री गीता देवी
श्रद्धा मिश्रा पुत्री ज्ञान देवी मिश्रा
सुमन पुत्री हरिश्चंद्र
बबिता पुत्री कलौता देवी
पुरानी शादियों को नए वित्तीय वर्ष में किया शामिल
वित्तीय वर्ष के समाप्त होने के बाद बीते वर्ष की कोई मांग अगले वित्तीय वर्ष में नहीं शामिल की जाएगी। ऐसा निर्देश शासन की तरफ से जारी किया गया था। लेकिन इसमें भी अफसर खेल कर बजट का बंदर बांट कर लिए। पुराने वित्तीय वर्ष में हुई शादियों को नए वित्तीय वर्ष में शामिल कर अनुदान ले लिया गया। इस तरह के 298 प्रकरण सामने आये हैं।
सामान्य वर्ग में अल्पसंख्यक का आवेदन
सामान्य वर्ग में अल्पसंख्यक वर्ग का आवेदन कराकर उसमें भी बजट का खेल किया गया। रूकसाना पुत्री अनीसा का रजिस्ट्रेशन 28 जुलाई 2017 को किया गया। लेकिन इनका रजिस्ट्रेशन अल्पसंख्यक वर्ग में कराने के बजाय सामान्य वर्ग में किया गया। इसी तरह सबरीन बानो भी हैं, जिनकी शादी सामान्य वर्ग में दिखाकर अनुदान लिया गया।
