बरेली: जंक्शन पर 51 प्रतिशत तक कम हुए रेल सिग्नल फेल
पिछले आठ साल में जंक्शन पर 1388 बार सिग्नल हुआ फेल
बरेली, अमृत विचार। बालासोर रेल हादसे के बाद रेल प्रशासन की सिग्नल व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए। हालांकि बीते कुछ बरसों में रेल प्रशासन ने सिग्नल प्रणाली को काफी बेहतर किया है। यही वजह है कि सिग्नल फेल होने की घटनाओं में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बरेली जंक्शन पर रेल सिग्नल फेल होने के आंकड़ों की मानें तो बीते सात साल इनमें 51 प्रतिशत तक की कमी आई है।
बरेली जंक्शन मौजूदा समय में पूरी तरह से इंटरलॉकिंग प्रणाली से लैस है। जंक्शन के दायरे में एडवांस सिग्नल से लेकर होम सिग्नल तक बीते आठ साल में सिग्नल फेल होने की कुल 1388 घटनाएं हुईं। इनमें सबसे ज्यादातर सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन विभाग में तकनीकी खामियों के कारण हुईं। बाकी घटनाएं इंजीनियरिंग, ऑपरेटिंग, बाह्य और अन्य कारणों से हुईं। जिसमें वित्तीय वर्ष 2015-16 में 213, 2016-17 में 242, 2017-18 में 234, 2018-19 में 176, 2019-20 में 155, 2020-21 में 122, 2021-22 में 128 और 2022-23 में 118 घटनाएं हुई हैं। इस बीच सबसे ज्यादा 242 घटनाएं साल 2016-17 में हुईं। लिहाजा पिछले सात साल में इन घटनाओं में करीब 51 प्रतिशत तक की कमी आई है। रेल अधिकारी इसके पीछे संरक्षा को बेहतर होना मानते हैं। वहीं सिग्नल फेल होने की घटनाएं कम होने के कारण रेल संचालन बेहतर हुआ है। क्योंकि एक बार सिग्नल फेल होने से रेल संचालन तक प्रभावित हो जाता है।
इसलिए होता है सिग्नल फेल
कई बार तकनीकी खामियों की वजह से तो सिग्नल फेल होता है तो कई बार प्वाइंट पर गैर जरूरी वस्तुएं डाल देने या किन्ही कारणों से आ जाने की वजह से भी सिग्नल फेल होता है। ऐसे में बीते दिनों संरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन रेलवे ट्रैक की निगरानी बढ़ाई है। ऑपरेटिंग, इंजीनियरिंग, टीआरडी, एसएंडटी जैसे विभागों से जुड़े कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया है जिससे इन घटनाओं में कमी आई है। वहीं बीते दिनों जंक्शन पर ट्रैक सर्किट के साथ एक्सल काउंटर लगाकर तकनीक में सुधार किया गया है। जिससे गैर जरूरी सिग्नल फेल होने की घटनाओं में कमी आई है।
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