बरेली: रामगंगा नदी में मरीं मछलियां, मची अफरा-तफरी
मीरगंज के गांव गहवरा में मंगलवार सुबह बरेली, रामपुर और मुरादाबाद की प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने शुरू की संयुक्त जांच
बरेली, अमृत विचार। मीरगंज के गांव गहवरा में रामगंगा का पानी अब मछलियों के लिए जानलेवा बन गया है। सोमवार रात बड़ी तादात में मछलियां मर गईं। मंगलवार सुबह किनारे बहकर आईं इन मछलियों को पकड़ने के लिए गांव वाले जुटे तो देखा अधिकांश मरी हुई थीं। जानकारी पर बरेली के अलावा मुरादाबाद और रामपुर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने पानी का सैंपल जांच के लिए लिया लेकिन शाम तक कोई नतीजा नहीं निकला। अधिकारियों ने आसपास की किसे नाले और फैक्ट्रियों का पानी नदी में गिरने के कारण मछलियों के मरने की संभावना जताई है।
मंगलवार सुबह मछलियों के सतह पर उतराने की खबर फैलते ही गहवरा समेत आसपास गांव के लोग नदी किराने इकट्ठा होने लगे। डीसी मनरेगा गंगाराम वर्मा ने बताया कि सुबह जब वह गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार शाम को तक सब कुछ सामान्य था। मंगलवार सुबह जब मछली पकड़ने गए तो देखा मछलियां मरी हुईं थीं। संभावना है कि किसी फैक्ट्री का पानी नदी में गिरने के कारण केमिकल का स्तर बढ़ गया है। इससे सतह पर बनी इसकी परत के कारण पानी में गहराई तक आक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। इसके के कारण अंदर के जीव आक्सीजन नहीं मिलने पर मरकर सतह पर आ जाते हैं।
पशु पक्षियों पर भी मंडरा रहा खतरा
रामगंगा के पानी में आक्सीजन लेबल कम होने के कारण मछलियों के मरने की बात कही जा रही है। लिहाजा अब सबसे अधिक खतरे की बात तो यह है कि अन्य मवेशियों और पशु पक्षियों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है. क्योंकि पानी की तलाश करते हुए सभी जानवर नदी की ओर रुख करेंगे और जहरीले पानी का शिकार हो जाएंगे। मौके पर बाढ़ खंड के अधिकारी भी पहुंचे और जलस्तर को लेकर जायजा लिया।
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