बरेली: नाथ नगरी में पर्यटन नीति से खुलेंगे रोजगार के द्वार, 36 इकाइयों के लिए हुए एमओयू
2 हजार 352 करोड़ का लक्ष्य, पर्यटन नीति के तहत 36 इकाइयों के लिए हुए एमओयू
अनुपम सिंह, बरेली। जिले में पर्यटन नीति से रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीदें बढ़ी हैं। इसके तहत इकाइयों के लगने से नाथ नगरी में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी। पर्यटन विभाग भी इन इकाइयों को धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत है। हालांकि, अभी कुछ समय लग सकता है।
नाथ नगरी में कॉरिडोर बनने से बरेली शहर अलग ही रंग रूप में दिखेगा। बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। सरकार की पर्यटन नीति के तहत जिले से 36 लोगों ने 2 हजार 352 करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें होटल, रिजाॅर्ट, योगा सेंटर, मल्टीलेवल पॉर्किंग, पब्लिक म्यूजियम, टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, ईको टूरिज्म इकाइयां, वेलनेस रिसॉर्ट्र, आरोग्य पर्यटन इकाई आदि प्रोजेक्ट शामिल हैं। जिले से साइन हुए एमओयू में अधिकतर ने होटल हैं।
पर्यटन सूचना अधिकारी मनीष सिंह के अनुसार पर्यटन की नीति में शामिल होने वाली इकाइयों ने कार्य शुरू कर दिए हैं। बताया कि एमओयू साइन करने वालों में कुछ बड़ी कंपनियां शामिल हैं, जिसमें पांच सितारा होटल खोलने की प्लानिंग है।
इन्होंने नैनीताल रोड पर भोजीपुरा के पास, रामगंगा आवासीय योजना में और फतेहगंज पश्चिमी के पास जमीन तलाश ली है। 36 इकाइयों में सात से आठ निवेशकों के पास जमीन को लेकर अभी कुछ समस्या आ रही है। अन्य निवेशकों ने इकाइयों को लगाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।
निवेशकों के लिए छूट
-प्रोजेक्ट के लिए जमीन का स्टांप शुल्क 100 फीसदी छूट रहेगी।
-निवेश पर 15 से 25 फीसदी तक निवेशकों को सब्सिडी मिलेगी।
-निवेशकों से इंडस्ट्रियल रेट की दर पर टैक्स लिया जाएगा।
बीडीए के मास्टर प्लान का इंतजार
डोहरा रोड और बड़ा बाईपास के पास कई उद्यमियों को निवेश कर इकाइयों (होटल) को स्थापित करना है, लेकिन इनके सामने लैंड यूज को लेकर दिक्कत बनी हुई है। यह लोग बीडीए के मास्टर प्लान का इंतजार कर रहे हैं।
बरेली से होकर प्रतिवर्ष काफी संख्या में टूरिस्ट नैनीताल, उत्तराखंड जाते हैं। इन इकाइयों के खुलने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। एमओयू के लिए साइन हुईं कई इकाइयां 400 से 500 करोड़ की हैं। इन इकाइयों के चालू होने से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा--- मनीष कुमार सिंह, पर्यटन सूचना अधिकारी।
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