बरेली: बिहार से परीक्षा में बैठाने के लिए लाते हैं 10 हजार में सॉल्वर, पढ़ने वाले छात्रों को बनाते हैं निशाना
यूपी में सॉल्वर परीक्षा में बैठने को तैयार नहीं, जो तैयार मांगते हैं मोटी रकम
बरेली, अमृत विचार। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में सेंध लगाने वाले सरगना समेत 11 लोगों को स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार सरगना ठाकुरद्वारा मुरादाबाद निवासी नाजिम ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उत्तर प्रदेश की बजाय उसे आसानी से बिहार से 10 हजार रुपये में सॉल्वर मिल जाते हैं। जबकि यूपी में जल्दी कोई सॉल्वर परीक्षा में बैठने को तैयार नहीं होता। अगर मिलता है तो उसे दो लाख रुपये तक देने पड़ते हैं। यही वजह है कि दो दिन की परीक्षा में जितने सॉल्वर गिरफ्तार किए गए सभी बिहार के रहने वाले थे। उसका यूपी, बिहार समेत उत्तराखंड तक नेटवर्क फैला है।
आरोपी ने पूछताछ में बताया था कि यूपी में सॉल्वर खोजने में काफी समस्याएं आती हैं। जिसके कारण उसके सहयोगी और गिरोह के लोग बिहार के छात्रों के संपर्क में रहते हैं। जैसे ही कोई परीक्षा होने को होती है तो बिहार में घर से दूर कमरा लेकर पढ़ने वाले छात्रों से संपर्क करते हैं। जिनसे मात्र 10 हजार रुपये में सौदा तय कर दूसरे की जगह परीक्षा देने के लिए लाते हैं। जबकि, अभ्यर्थियों से इसके लिए एडवांस के तौर पर 30 हजार रुपये लेते हैं। बचे हुए रुपये को वह परीक्षा पास होने के बाद देने की बात करते हैं।
दिल्ली से लाते हैं इलेक्ट्रानिक डिवाइस
सरगना का जितने अभ्यर्थियों के साथ सौदा तय हो जाता है। उसी आधार पर आरोपी दिल्ली से इलेक्ट्रानिक डिवाइस लेकर आते हैं। जहां पर उन्हें लगता है कि परीक्षा की सुरक्षा में ढिलाई होगी वहां पर पढ़ने में कमजोर छात्र को बैठाते हैं। साथ में उन्हें एक डिवाइस भी देते हैं। जिससे परीक्षा में उसे नकल कराकर पास कराया जा सके। ये डिवाइस दिल्ली में उन्हें सस्ते दामों में मिल जाते हैं।
सरगना नाजिम का मददगार हो गया गायब
सरगना नाजिम को जब एसटीएफ की टीम ने वर्ष 2018 में परीक्षा में फर्जीवाड़ा करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेजा तो उसके साथ पकड़ा गया मददगार अब लापता है। वह अब नाजिम के संपर्क में नहीं है। उसके बाद नाजिम ने अपने भाई मोहसिन को अपना मददगार बनाते हुए गिरोह में शामिल किया। जो अभ्यर्थियों से संपर्क करने से लेकर उनसे रुपये और बिहार से सॉल्वर लाने तक की जिम्मेदारी बखूबी निभाता था।
परीक्षा के पहले सोशल मीडिया पर होते हैं अलर्ट
सरगना नाजिम प्रतियोगी परीक्षा आने से पहले सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बनाता है। जो पूरी तरह से सक्रिय हो जाता है। वहीं से आरोपी अभ्यिर्थियों से लेकर सॉल्वरों से कोड वर्ड में बात करते हैं। उसके बाद परीक्षा में सेंध लगाते हैं।
दो दिन की परीक्षा में ये सॉल्वर गिरफ्तार
दो दिन में परीक्षा में एसटीएफ की टीम ने थाना बिंद नालन्दा बिहार निवासी सॉल्वर नीरज कुमार, परवलपुर नालांदा बिहार सॉल्वर सचिन पांडेय, बिहार के ही समस्तीपुर के केशव कुमार, बैशाली जिले के जन्दहा के रतन कुमार समेत वैशाली बिहार निवासी राजेश सॉल्वर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
बिहार के कोचिंग सेंटर के संचालकों से है सांठगांठ
सरगना नाजिम का बिहार के कई कोचिंग सेंटर संचालकों के साथ भी साठगांठ है। जिनके माध्यम से भी आरोपी सॉल्वर लेते हैं। संचालकों से एक-एक लाख रुपये में सौदा तय करते हैं। जबकि, सॉल्वरों को मात्र 10 हजार रुपये ही देते हैं। बाकी परीक्षा में पास होने के बाद और रुपये दिलवाने का वादा करते हैं। वहीं, रिजल्ट आने के बाद जिस अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर पेपर दिए होते हैं, उन्हें परीक्षा में फेल होना बताते हैं।
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