बरेली: एनओसी लेकर अंधाधुंध जल दोहन नहीं कर पाएंगे अस्पताल, विभाग हुआ सख्त
भूगर्भ जल दोहन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र से पहले लगाना होगा फ्लोमीटर
अनुपम सिंह, बरेली। लंबे समय से एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ाकर जल दोहन कर रहे अस्पताल संचालकों पर भूगर्भ जल विभाग सख्त हो गया है। शहर के होटलों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की कार्रवाई के बाद अस्पताल संचालकों में भी खलबली मच गई है। अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने में दिलचस्पी बढ़ी है, लेकिन एनओसी से पहले अस्पताल संचालकों को फ्लोमीटर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे रोजाना खर्च होने वाले पानी की एक-एक बूंद का हिसाब-किताब भूगर्भ विभाग रख सके। बिना फ्लोमीटर लगाए एनओसी जारी नहीं हो सकेगी।
एनजीटी के नए नियमों के बाद जमीन से पानी निकालने (भूगर्भ जल दोहन) के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) अनिवार्य कर दिया है। पिछले दिनों नियमों की अनदेखी पर एनजीटी ने बरेली में 72 होटलों पर करीब 5 करोड़ 62 लाख का जुर्माना ठोका था। मामले में 3 जुलाई को सुनवाई होनी है। एनजीटी के नियमों के अनुसार एक हजार लीटर पानी जमीन से खींचने पर महज एक रुपये शुल्क निर्धारित है। शुल्क कम होने के कारण लोग पानी की बर्बादी कर सकते हैं, इसलिए फ्लोमीटर लगवाया जा रहा है।
जरूरत से ज्यादा जल दोहन पर लगेगा जुर्माना
सबमर्सिबल लगाकर जल दाेहन करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने वाले अस्पताल संचालकों को आवेदन में यह स्पष्ट करना होगा कि उन्हें प्रतिदिन और साल में कितने हजार लीटर पानी की आवश्यकता है। फ्लो मीटर से जल दोहन काउंट होता रहेगा। अगर आवश्यकता (जितना आवेदन में लिखकर दिया) से अधिक पानी का अस्पतालों ने इस्तेमाल किया तो जुर्माना देना पड़ेगा।
कई तरह के होंगे फायदे
अस्पतालों में फ्लोमीटर लगने से कई तरह के फायदे होंगे। एक तो अस्पताल पानी की बेतहाशा बर्बादी नहीं कर सकेंगे। अभी तक अस्पतालों की सफाई से लेकर जरूरत से ज्यादा पानी बहाया जाता है, लेकिन नई व्यवस्था के बाद इस पर अंकुश लगेगा। ज्यादा पानी की बर्बादी पर जुर्माने का भी डर रहेगा। जल दोहन रुकने से जल स्तर में भी सुधार होगा। ऐसा भूगर्भ जल विभाग का मानना है।
एनओसी के लिए अस्पताल संचालक आवेदन कर रहे हैं। सभी को स्पष्ट कर दिया गया है कि पहले फ्लोमीटर लगा लें। इसके बाद ही अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी होगा। आवेदन में अस्पताल संचालकों को लिखना होगा कि रोजाना, साल में कितना पानी इस्तेमाल करेंगे। पानी के अधिक प्रयोग पर जुर्माने की भी कार्रवाई होगी---गणेश नेगी, सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट भूगर्भ जल विभाग।
हाईलाइटर
- 600 के करीब निजी अस्पताल संचालित हैं।
- 05 से 8 के पास मुश्किल अभी एनओसी होगी।
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