सावधान : जेपी, बिरला और एसीसी नाम से बेची जा रही थी नकली सीमेंट, एसटीएफ ने पांच आरोपितों को किया गिरफ्तार
लखनऊ, अमृत विचार। बड़ी सीमेंट कंपनियों के नाम पर नकली सीमेंट और बोरियां बनाने के आरोप में पांच लोगों को एसटीएफ की टीम ने धर दबोचा है। एसटीएफ ने इन पांचों आरोपितों को जौनपुर से गिरफ्तार किया है। इस दौरान एसटीएफ को भारी मात्रा में नकली सीमेंट और विभिन्न कंपनियों के नाम वाली एक लाख बीस हजार नकली बोरियां बरामद हुई हैं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नकली सीमेंट को बेंचे जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। बताया जा रहा है कि विभिन्न सीमेंट कम्पनियों के नाम की बोरियों में भरकर नकली सीमेंट बाजार में उतरने की शिकायत की जांच करने पर एसटीएफ को कई अहम जानकारियां पता चलीं । जिसके बाद एसटीएफ ने जौनपुर के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित वीसीसी हाईटेक सीमेंन्ट प्रालि पर स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बीती रात डेढ़ बजे छापा मारा। छापामार कार्रवाई के दौरान एसटीएफ को वीसीसी हाईटेक सीमेंन्ट फैक्ट्री में मानक के विपरीत बनी भारी मात्रा में सीमेंट मिली। यह नकली सीमेंट विभिन्न ब्रांडेड कम्पनियों के नाम की बोरियां में भरी हुई थी। जिन्हें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कालाबाजारी के लिए रखा गया था। बताया जा रहा है कि यह नकली बोरियां पियूष पालीटेक्स फैक्ट्री में बनाई और छापी जाती थीं। उप जिलाधिकारी मडियाहॅू की मौजूदगी में दोनों कम्पनियों को सील कर दिया गया है। साथ ही दोनों कंपनियों के डायरेक्टर सतीष जायसवाल और नीरज कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है।
एसटीएफ के मुताबिक दोनों कंपनियों के डायरेक्टर 2010 से 2022 तक ईट भट्ठे का व्यवसाय करते थे, अप्रैल 2022 में दोनों ने अपना ईंट भट्ठा व लगभग 2 करोड रूपये विनीत कुमार जायसवाल को देकर वीसीसी हाईटेक सीमेंन्ट प्रालि को टेकओवर कर लिया। शुरुआती दौर में वीसीसी नाम से सीमेंट बनवायी जाती थी, लेकिन मार्केट में सेल बहुत कम होने के कारण मानक व गुणवत्ता में कमी कराकर सीमेन्ट बनयी जाने लगी। जिसे विभिन्न ब्रांडेड कम्पनियों के नाम की बोरियों (फर्जी व कूटरचित) की तरह की बोरियों की प्रिन्ट बद्री प्रसाद दुबे के प्रिन्टिंग प्रेस पियूष पालीटेक्स से कराकर जेपी, बीसीसी मैहर, मैहर गोल्ड, बिरला, एआई, केएएस, परफेक्ट प्लस, अल्ट्रा सुपर, विरला चैम्पियन, अल्ट्राप्रीमियम, केएएस एसीसी, आदि ब्रांड की बोरियों में भराकर बाजारों में बेंचा जाने लगा।
आरोपितों ने बताया कि 250-270 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से ट्रकों के माध्यम से बजारों मे सप्लाई कर अवैध धन अर्जित करते है। रेट कम होने व ब्रांडेड कम्पनियों की बोरियां होने के कारण हमारे पास सीमेंट की डिमांड अधिक मिलती है। इस काम में हमारी मदद शैलेन्द्र पाठक उर्फ पिंटू पाठक, सतेन्द्र पाठक उर्फ विनय पाठक व अलीम अंसारी करते है। यह लोग सीमेंट बनवाने, बोरी प्रिट करवाने व मार्केट में व्यापारियों से नकली सीमेंट का आर्डर लेकर सप्लाई कराने का कार्य करते है। बद्री प्रसाद दुबे (प्रोपराइटर पियूष पालीटेक्स) द्वारा बताया गया कि हम अपनी प्रिन्टिंग प्रेस में नीरज जायसवाल व सतीष जायसवाल के कहने पर ही कई कम्पनियों के नाम की फर्जी व कूटरचित प्रिन्ट बोरियों पर प्रिंट कराते है। इसके अलावा कई अन्य लोगों के लिए भी कूटरचित बोरियां प्रिंट कराते हैं।
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