Hamirpur Suicide: फांसी पर झूला ग्राम पंचायत सचिव, अधिकारियों के उत्पीड़न व स्थानांतरण को लेकर तनाव में था
हमीरपुर में ग्राम पंचायत सचिव ने फांसी लगाई।
हमीरपुर में ग्राम पंचायत सचिव ने फांसी लगाकर जान दे दी। अधिकारियों के उत्पीड़न व स्थानांतरण को लेकर तनाव में था।
हमीरपुर, अमृत विचार। मौदहा नगर के मराठीपुरा बगिया में रहने वाले पंचायत सचिव अपने आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अधिकारियों के उत्पीड़न व स्थानांतरण के तनाव से जूझ रहे थे। वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
कस्बे के मराठीपुरा मोहल्ला निवासी अनुज कुमार माथुर (21) बांदा जिले के जसपुरा में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर तैनात था। ये अविवाहित भी था। कस्बे से करीब 25 किमी दूरी होने के कारण ये अक्सर अपने घर ड्यूटी के बाद लौट आता था। ये काफी दिनों से मेडिकल अवकाश पर चल रहा था। शनिवार को इसका घर के कमरे में शव फांसी के फंदे पर लटकता देख परिजनों में कोहराम मच गया है।
मृतक की बहन छाया ने बताया कि भाई ने रात में खाना खाया और कमरे में सोने चला गया था। सुबह जब देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं आया तो मां ने जाकर देखा तो भाई फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। चार बहनों और दो भाइयों के बीच अनुज कुमार माथुर ही ग्राम पंचायत अधिकारी था जिससे पूरे परिवार का भरण पोषण होता था।
अचानक इसके फांसी लगाने से पूरा परिवार बदहवाश है। परिजनों ने बताया कि विभाग से अनुज कुमार काफी दिनों से टेंशन में था। इसीलिए आत्महत्या कर ली है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हेमंत मिश्रा ने बताया कि अनुज के पिता राजेंद्र भी ग्राम पंचायत अधिकारी थे, जिनकी सरकारी सेवा में रहते मृत्यु हो गई थी। मृतक आश्रित में अनुज कुमार को ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर नौकरी मिली थी।
बताया कि ये मौजूदा में बांदा जिले के जसपुरा क्षेत्र में तैनात था। अभी मेडिकल अवकाश पर घर में रह रहा था। विभाग ने किन्हीं कारणों से वेतन रोका था। साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी के क्षेत्र के कुछ गांव भी उससे छीन लिए गए थे। बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
