Chitrakoot News : वाल्मीकि आश्रम के महंत और आसावर मंदिर के पुजारी के विवाद गहराया

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट में वाल्मीकि आश्रम के महंत और आसावर मंदिर के पुजारी के विवाद गहराया।

चित्रकूट में वाल्मीकि आश्रम के महंत और आसावर मंदिर के पुजारी के विवाद गहराया। पुजारी ने कहा, शासन के नाम पर महंत धमकी देते हैं।

चित्रकूट, अमृत विचार। ग्राम पंचायत बगरेही अंतर्गत लालापुर स्थित प्रख्यात वाल्मीकि आश्रम मंदिर के महंत भरत दास और प्राचीन आसावर मंदिर के पुजारी शंकर दयाल द्विवेदी के बीच विवाद गहरा रहा है। पुजारी का कहना है कि वह मंदिर के महंत और पुजारी हैं। वाल्मीकि आश्रम के महंत शासन के नाम पर धमकाते हैं और उनकी किसी भी तरह मंदिर में कब्जा करने की मंशा है। वहीं वाल्मीकि आश्रम के महंत का कहना है कि शंकर दयाल गलत बयानबाजी कर रहे हैं और वह मंदिर के सिर्फ पुजारी हैं, वाल्मीकि आश्रम के आसपास के सभी मंदिरों पर ट्रस्ट का अधिकार है। 

बीते दिनों आशावर मंदिर के पुजारी शंकर दयाल ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि उनको महंत भरतदास द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है। अक्सर बिजली काट दी जाती है। उनको बदनाम किया जा रहा है, जिससे पुजारी पद से हटाया जा सके। बीती 27 जून को महंत ने उनके मंदिर में घुसकर अभद्रता की और उनको और पत्नी रेखा को गालियां दीं।

पुजारी का यह भी आरोप है कि महंत खुद को शासन का खास आदमी बताते हैं और फर्जी मामले में फंसवाने और मंदिर से बाहर निकलवाने की धमकी देते हैं। साथ ही वह आशावर मंदिर शक्तिपीठ में कब्जा करना चाहते हैं। उधर, इस संबंध में वाल्मीकि आश्रम के महंत भरत दास ने सारे आरोपों को गलत बताया। उनका कहना था कि आसावर मंदिर भी वाल्मीकि आश्रम का ही एक भाग है। परिसर के आसपास इतने मंदिर हैं तो क्या सबके अलग अलग महंत हो जाएंगे। शंकर दयाल सिर्फ पुजारी हैं।

आरोप लगाया कि उन्होंने मंदिर की करोड़ों की राशि हड़प ली। असल में वह विकास कार्यों के विरोधी हैं और इस वजह से आरोप लगा रहे हैं। बताया कि उनका पैर टूटा है तो वह कैसे किसी जगह जाकर किसी पर हमला कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 27 जून को पुजारी ने उल्टे उनके ऊपर हमला कराया। शासन यहां विकास कार्य करा रहा है और पुजारी शासन के नाम पर गलत बातें फैला रहे हैं। 

ट्रस्ट की बैठक में होगी चर्चा

महंत भरत दास ने बताया कि दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव अभय महाजन, भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास वह और पुजारी आश्रम ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। बताया कि ट्रस्ट और संत-महंतों की जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी और इस मामले का हल निकाला जाएगा। 

जल्द कनेक्शन चालू करा दिया जाएगा- एसडीओ

पुजारी ने बताया कि वह मंदिर में कनेक्शन को तैयार हैं पर बिजली विभाग के अधिकारी ही इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। ऊपर से दबाव की बात कहकर बिजली कनेक्शन नहीं किया जा रहा। इस संबंध में उप खंड अधिकारी मानिकपुर ने बताया कि मंदिर का पुराना कनेक्शन जल्द चालू करा दिया जाएगा। मीटर भी लगवा दिया जाएगा। इसमें किसी तरह की कोई समस्या नहीं है। 

एसओ बोले, मामला ट्रस्ट का

इस संबंध में रैपुरा एसओ शैलेंद्र चंद्र पांडेय ने बताया कि यह पूरा मामला ट्रस्ट का है और ट्रस्ट सक्षम है। इसमें पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय जैसे लोग शामिल हैं। पुलिस का इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के ऊपर कोई हमला नहीं हुआ। 

प्रधान बोले, मैं क्या कर सकता हूं

ग्राम प्रधान बगरेही ने खुद को पूरे मामले से अलग किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में मैं क्या कर सकता हूं। मेरी जानकारी में सिर्फ बिजली का विवाद है। मेरा इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। किसी के ऊपर किसी हमले की जानकारी भी उनको नहीं है। उन्होने यह भी बताया कि पहले महंत और पुजारी के बीच संबंध अच्छे थे पर बाद में पता नहीं क्या हो गया।

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