हल्द्वानी: हैड़ाखान के 2 गांवों में रिवर ट्रेनिंग में 12 करोड़ के राजस्व का नुकसान, सीबीआई जांच की मांग

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। हैड़ाखान के मुरकुड़िया व तिलवाड़ी में रिवर ट्रेनिंग के अंतर्गत हुए खनन में शासन की मिलीभगत से गड़बड़झाला कर 12 करोड़ रुपये के राजस्व का चूना लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने यह आरोप लगाते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

सूचना का अधिकार कार्यकर्ता रविशंकर जोशी ने बताया कि जिला प्रशासन व खान विभाग ने वर्ष 2021 में  हैड़ाखान के मुरकुड़िया व तिलवाड़ी गांवों में आरबीएम, बोल्डर, पत्थर के खनन/साफ-सफाई के लिए रिवर ट्रेनिंग नीति-2020 के अंतर्गत खुली नीलामी हुई।

इसमें मुरकुड़िया गांव में रिवर ट्रेनिंग का ठेका संजय वर्मा निवासी हल्द्वानी को 1,85,50,000 रुपये और तिलवाड़ी में विपिन सनवाल को 3,15,00,000 रुपये में मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुरकुड़िया में रिवर ट्रेनिंग पर नियमानुसार जिला खनिज फाउंडेशन न्यास के 43,26,713, क्षतिपूर्ति के 25,96,028 और स्टांप शुल्क 3,46,137 रुपये मिलाकर कुल 2,58,18,878 रुपये राजकोष में जमा करना था। वहीं तिलवाड़ी गांव में रिवर ट्रेनिंग के लिए कुल 4,33,79,176 रुपये राजकोष में जमा कराना था। जोशी ने आरोप लगाया कि दोनों ने ही गांवों में साफ-सफाई नहीं की और रुपया भी जमा नहीं किया। इस पर प्रधान महालेखाकार ने दोनों की रिवर ट्रेनिंग की अनुज्ञा अनुमति निरस्त नहीं करने का कारण पूछा। तब खनन विभाग ने वर्ष 2022 के मार्च में दोनों की अनुज्ञा निरस्त करने की संस्तुति की जिलाधिकारी से की। 

जोशी ने आरोप लगाया कि दोनों ही ठेकेदारों के उच्च राजनैतिक संपर्क के चलते प्रधान महालेखाकर की आपत्ति भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके उल्ट, शासन ने दोनों को सहूलितय देते हुए अनुज्ञा की अनुमति 30 जून 2023 तक बढ़ा दी। इतना ही नहीं रॉयल्टी दरों में राहत दी गई। वर्तमान रॉयल्टी दर 14 रुपये +टैक्स  प्रति कुंतल लिया जाता है। जबकि उनको राहत देते हुए वर्ष 2016 की दरें 4.25 रुपये + टैक्स प्रति कुंतल के हिसाब से लिया गया। इस तरह 12 करोड़ रुपये के राजस्व का चूना लगा। वहीं, रिवर ट्रेनिंग में स्वीकृत अनुज्ञा की अवधि बढ़ाने का प्रावधान नहीं है। फिर भी मानकों को ताक पर रखकर ऐसा किया गया। जोशी ने इस प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग करते हुए सीबीआई निदेशक नई दिल्ली, सचिव सतर्कता, सचिव औद्योगिक विकास-खनन को भी पत्र लिखा है।

 

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