नई लैबों में जांच के मामले में चौथे स्थान पर बरेली

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बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री ने 11 जुलाई 2020 को जिला अस्पताल में बायो सेफ्टी लेवल-2 (बीएसएल-2) लैब की ऑनलाइन शुरुआत कराई थी। इससे यहां कोरोना की रीयल टाइम पॉलीमरेस रिएक्शन टेक्नोलॉजी (आरटीपीसीआर) जांच की सुविधा उपलब्ध हुई। अलीगढ़ के अतिरिक्त एसएसपीजी अस्पताल वाराणसी, मंडलीय अस्पताल गोंडा, मंडलीय अस्पताल मुरादाबाद, मंडलीय अस्पताल मिर्जापुर, मंडलीय अस्पताल बरेली, …

बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री ने 11 जुलाई 2020 को जिला अस्पताल में बायो सेफ्टी लेवल-2 (बीएसएल-2) लैब की ऑनलाइन शुरुआत कराई थी। इससे यहां कोरोना की रीयल टाइम पॉलीमरेस रिएक्शन टेक्नोलॉजी (आरटीपीसीआर) जांच की सुविधा उपलब्ध हुई।

अलीगढ़ के अतिरिक्त एसएसपीजी अस्पताल वाराणसी, मंडलीय अस्पताल गोंडा, मंडलीय अस्पताल मुरादाबाद, मंडलीय अस्पताल मिर्जापुर, मंडलीय अस्पताल बरेली, बलरामपुर अस्पताल लखनऊ एवं एमएमजी संयुक्त अस्पताल गाजियाबाद में बायो सेफ्टी लैब-2 की शुरुआत हुई थी। 29 अगस्त 2020 तक प्रदेश के इन नए आठ लैबों में से बरेली चौथे स्थान पर है। सैंपल की संख्या बढ़ाए जाने पर शासन की ओर से बार-बार जोर दिया जा रहा है।

कम सैंपलों के मामले में अभी सीएमओ ने पीएचसी और सीएचसी के साथ 300 बेड अस्पताल के सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके बावजूद जिले में सैंपल और जांचें स्वास्थ्य विभाग अधिक नहीं बढ़ा पाया है। इन आठ लैबों में अलीगढ़ में अब तक 3136 जांच हो चुकी हैं। लखनऊ में 3083, वाराणसी में 2184, बरेली में 2046, मिर्जापुर में 1451, गोंडा में 1278, मुरादाबाद में 1269 और गाजियाबाद में 1015 जांचें हुई हैं।

“लक्ष्य के सापेक्ष सैंपल नहीं बढ़ाए जा सके हैं, यह चिंताजनक है। इस मामले में लापरवाही बरतने वालों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। शासन का पूरा जोर सैंपल बढ़ाने पर है। जिसे पूरा करने की कोशिश की जा रही है।”- डा.वीके शुक्ल, सीएमओ

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