हल्द्वानी: मिट्टी धंसने से गौला पुल पर मंडराया खतरा
लगातार हो रही बारिश से पुल और सड़क के जोड़ पर मिट्टी धंसने से बना गड्ढा
हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी शहर से गौलापार को जोड़ने वाले गौलापुल पर फिर से खतरा मंडराने लगा है। 2021 में मानसून के वक्त गौला नदी में उफान आने के चलते पुल का करीब 30 मीटर हिस्सा टूटकर बह गया था।
गौला पुल शहर को गौलापार, चौरगलिया, सितारगंज और खटीमा से जोड़ता है। पुल की लंबाई करीब 364.76 मीटर है, लेकिन वर्तमान समय में पुल की देखरेख न होने से पुल जर्जर हालत में पहुंच रहा है। दो वर्ष पहले पुल का एक पिलर क्षतिग्रस्त होने के बाद इसकी मरम्मत कराई गई थी।
लेकिन बीते दिनों से हो रही भारी बारिश होने से पुल और सड़क के बीच मिट्टी धंस जाने से पुल पर खतरा बना हुआ है। इधर बारिश होने से गौला नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है, जिसके चलते पुल के पिलर में लगातार कटान हो रहा है। इधर, गौला पुल से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। उत्तराखंड के साथ ही यूपी के कई इलाकों से आने-जाने वाले लोग इस पुल का उपयोग करते है।
पूर्व में 3 बार क्षतिग्रस्त हो चुका गौलापुल
हल्द्वानी की जीवन रेखा कहे जाने वाला गौला पुल पूर्व में 3 बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। बारिश के सीजन में नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के चलते अक्टूबर 2021 में पुल का एक हिस्सा गौला नदी में समा गया था।
जिसके चलते करीब 1 माह से अधिक गौलापुल पर आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा। जुलाई 2008 में पूरा पुल ही क्षतिग्रस्त हो गया था जबकि 2018 में पुल में दरार आ गई थी। वहीं पुल के मरम्मत होने के बाद भी इसकी गुणवत्ता पर प्रश्न चिह्न खड़ा हो रहा है।
