शाहजहांपुर: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन को 20 वर्ष की कैद

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20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी किया गया दंडित, वर्ष 2014 में निगोही क्षेत्र के एक गांव में हुई थी घटना

शाहजहांपुर, अमृत विचार: विशेष न्यायधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम सुदीप कुमार जायसवाल की कोर्ट ने  वर्ष 2014 में नाबालिग से हुए दुष्कर्म के मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध होने पर दो सगे भाइयों समेत तीन अभियुक्तों को 20-20 वर्ष की कैद और अर्थदंड से दंडित किया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना निगोही क्षेत्र के एक गांव निवासी वादी की 15 वर्षीय पुत्री चार नवंबर 2014 को शाम लगभग छह बजे शौच करने गांव के बाहर गई थी, जहां गांव भटियुरा पृथ्वीपुर निवासी सोनपाल, धर्मपाल पुत्रगण धनजीतराम व आकाश पुत्रचंद्र भान वादी की पुत्री को पकड़कर तमंचे के बल पर उदयभान के गन्ने के खेत में ले गए।

जब पुत्री ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद तीनों ने दुष्कर्म किया। रोते हुए किशोरी घर पहुंची और परिवार के लोगों को जानकारी दी। इसके बाद किशोरी के पिता ने निगोही थाने पर तहरीर दी।

जिस पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली और विवेचना के उपरांत सोनपाल, धर्मपाल, आकाश के खिलाफ धारा 376 घ, 323, 504 और पॉक्सो अधिनियम के पर्याप्त साक्ष्य पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।

विशेष न्यायधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम सुदीप कुमार जायसवाल की कोर्ट में मुकदमें की सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान व शासकीय अधिवक्ता और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध होने पर अभियुक्तों को 20-20 वर्ष की कैद और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही अर्थदंड की धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं। चिकित्सीय परीक्षण के दौरान पीड़िता की उम्र 17 वर्ष बताई गई।

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