शाहजहांपुर: स्कूल-अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम, जलभराव का नहीं हुआ समाधान...पीड़ितों में मायूसी

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Edited By Amrit Vichar
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शाहजहांपुर/भावलखेड़ा, अमृत विचार। नहर कटने से भावलखेड़ा के रास्तों पर पानी भर गया है। स्कूल और अस्पताल में भी पानी भर गया है। गुरुवार को डीएम उमेश प्रताप सिंह निरीक्षण करने पहुंचे। गांव वालों को उम्मीद थी कि डीएम आए है तो जलभराव की समस्या का समाधान भी करेंगे, लेकिन वह जलभराव की बाबत कुछ भी नहीं बोले। अस्पताल और स्कूल का निरीक्षण चंद मिनटों में निपटाकर लौट गए। डीएम को वापस लौटता देख कुछ लोगों ने नहर कटने से पानी भरने की समस्या बतानी चाही, लेकिन तब तक डीएम रवाना हो गए। इससे गांव वालों में मायूसी है।

बता दें कि शहर से करीब छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव भावलखेड़ा के पास से निकली कोरोंकुइयां से शाहाबाद तक जाने वाली नहर कट गई है, जिससे बुधवार से गांव के मुख्य मार्ग सहित खेतों में भी पानी भर गया है। करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है।

नहर का पानी टिकरा रसूल गांव के किनारे तक पानी पहुंच गया है। प्राथमिक स्कूल के रास्ते में पानी भरने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। गुरुवार को दोपहर बाद डीएम उमेश प्रताप सिंह भावलखेड़ा गांव में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे।

डीएम के आगमन से ग्रामीणों का उम्मीद थी कि नहर कटने से जलभराव की समस्या पर अधिकारियों की क्लास होगी और समस्या का समाधान भी हो जाएगा, लेकिन डीएम ने वहां मौजूद किसी भी ग्रामीण से जलभराव की बाबत नहीं पूछा। मौके पर मौजूद लालाराम, अशोक कुमार, राजीव सिंह, विनोद कुमार, मदन, कृष्ण मोहन वाजपेई और आशीष मिश्रा ने बताया कि वह जलभराव की समस्या बताने के लिए आए थे, लेकिन डीएम के सुरक्षा कर्मियों ने उन लोगों को पास जाने ही नहीं दिया। इससे वह समस्या रखने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। डीएम आए और आनन फानन निरीक्षण करने के बाद जिला मुख्यालय लौट गए। इससे जलभराव पीड़ितों में मायूसी है।

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