बरेली: रामगंगा उफान पर... अगले 72 घंटे संवेदनशील

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। पहाड़ों पर बारिश से रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। पिछले 48 घंटे में जलस्तर दो मीटर बढ़ा है और खतरे का निशान अब दो ही मीटर दूर रह गया है। अफसरों के मुताबिक 72 घंटे तक अगर इसी गति से जलस्तर बढ़ा खतरे का निशान छू लेगा। नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है।

बाढ़ खंड के अधिकारियों के मुताबिक पहाड़ों पर चार दिन से लगातार बारिश हो रही है। रामगंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 72 घंटे और बारिश हुई तो रामगंगा से सटे भगवानपुर, सरदारनगर, कोहनी, फिरोजपुर, जगतपुर, त्रिकुनिया, रुकुमपुर, बल्लिया समेत तमाम गांव प्रभावित हो सकते हैं। पिछले 48 घंटे में रामगंगा का जलस्तर 159.05 मीटर से बढ़कर 161.05 मीटर पहुंच गया है। बाढ़ खंड के एसडीओ अमित किशोर के मुताबिक 162.07 मीटर तक जलस्तर पहुंचने के बाद अलर्ट जारी कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के नैनीताल और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। इससे अगले दिनों में किच्छा, बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने से शेरगढ़, देवरनियां आदि इलाकों के तमाम गांवों में संकट पैदा हो सकता है। अगर कालागढ़ डैम और मुरादाबाद रामगंगा कटघर से पानी छोड़ा गया तो और बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।

जिला प्रशासन भी कर रहा निगरानी
जिला प्रशासन ने सिंचाई विभाग और बाढ़ खंड कार्यालय को लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। दैनिक रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक रामगंगा का जलस्तर अभी सामान्य है। 72 घंटे और बारिश होने पर खतरे की आशंका है। खतरे का निशान 163.07 मीटर पर है। 164.29 मीटर तक उफान पर बाढ़ की स्थिति मानी जाएगी। अभी रामगंगा खतरे के निशान से करीब दो मीटर कम है।

पहाड़ों पर लगातार बारिश से रामगंगा के साथ सभी नदियों के आसपास के इलाकों में कर्मचारियों और आम लोगों को सचेत रहने के लिए कहा है। अभी सिर्फ पहाड़ों से आने वाले पानी के कारण रामगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है।–राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड बरेली

ये भी पढे़ं- बरेली: आखिरकार चार साल बाद फ्री विल चर्च में शुरू हुई आराधना, ईसाई समुदाय के लोगों ने जताई खुशी

 

संबंधित समाचार