अयोध्या : नहीं बन सका दशरथ समाधि स्थल से दिलासीगंज तक बंधा
2022 में बाढ़ प्रभावितों ने उठाई थी मांग, नहीं हुई कोई सुनवाई
पूराबाजार/ अयोध्या, अमृत विचार। हर साल आने वाली बाढ़ में उजड़ना और फिर बसना बाढ़ पीड़ितों की नीयत बन गई है। प्रकृति की मार झेल रहे बाढ़ पीड़ितों के स्थाई समाधान के कोई ठोस उपाय आज तक नहीं हुए। बाढ़ आती है तब दशरथ समाधि स्थल से दिलासीगंज तक बंधा बनवाने की मांग उठती है। 17 अक्टूबर 2022 को बाढ़ क्षेत्र के दौरे पर आए प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के समक्ष भी बाढ़ पीड़ितों ने दशरथ समाधि स्थल से दिलासीगंज तक बंधा बनवाने की मांग किया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
पूराबाजार ब्लाक के बाढ़ प्रभावित इलाके के मूडाडीहा माझा, मउरदाहवा, पूरे चेतन, सलेमपुर, पिपरी संग्राम, बस्ती माझा, मडना माझा, बलुइया माझा, सेवरहवा, लोनियाना, गिलेंट, मदरहिवा, रामपुर पुआरी माझा, पनसैवा नई दुनिया, धनाई का पुरवा, काजीपुर मांझा की 7000 की आबादी और 1391 बाढ़ पीड़ित परिवार हर साल आने वाली बाढ़ में उजड़ते हैं।
बलुइया माझा के रामराज निषाद, सुशीला निषाद कहती हैं कि दशरथ समाधि स्थल से दिलासीगंज तक बन्धा का निर्माण हो जाता तो हम लोगों के गांव में नदी में आने वाले बाढ़ का पानी ना आता। हर वर्ष बाढ़ से होने वाले नुकसान से बच जाते। सेवरहवा माझा के राम शंकर, नीता कुमारी कहती हैं दशरथ समाधि स्थल से दिलासीगंज तक बन्धे के निर्माण के लिए 1998 आई विनाशकारी बाढ़ से ही बाढ़ से प्रभावित गांव के लोग मांग कर रहे लेकिन अब तक किसी ने कोई ठोस उपाय नहीं हुआ।
सरयू नदी में आने वाली हर वर्ष की बाढ़ में बहुत नुकसान हो जाता है। मूडाडीहा मांझा के प्रधान गया प्रसाद यादव, रामपुर पुआरी माझा के प्रधान रमेश निषाद, और काजीपुर मांझा के प्रधान धर्मेंद्र राजभर ने बताया कि दशरथ समाधि स्थल से लेकर दिलासीगंज तक बंधा का निर्माण की मांग हर बार की जाती है। बोले 1998 व 2007 में आई भीषण बाढ़ की याद आते ही रूह कांप जाती हैं।
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