अयोध्या में 53 करोड़ की लागत से बनेगा एयर कानकार्स
अयोध्या, अमृत विचार। रामनगरी अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय सुख-सुविधाओं युक्त आकार ले रहे रेलवे स्टेशन पर विशालकाय एयर कानकार्स के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन के निर्माण और विकास के दूसरे चरण में यात्रियों की सहूलियत के लिए 53 करोड़ से ज्यादा की लागत से एयर कानकार्स का निर्माण कराया जाएगा। योजना को स्वीकृति और दूसरे चरण के विकास के लिए धनराशि अवमुक्त होने के बाद एयर कानकार्स के निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रेलवे स्टेशन का निर्माण और विकास भारतीय रेलवे की कार्यदायी संस्था राइट्स की ओर से कराया जा रहा है।
प्रस्तावित एयर कानकार्स के निर्माण के लिए रेल मंत्रालय की ओर से 53 करोड़ 15 लाख 29 हजार 80 रूपये की धनराशि आवंटित की गई है और निर्माण का जिम्मा रेलवे की कार्यदायी संस्था तथा पहले से अयोध्या रेलवे स्टेशन का काम करा रही रेल इण्डिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) को सौंपा गया है। बताया गया कि रेलवे स्टेशन के विकास के दूसरे चरण में 128 मी लंबा और 63 मी चौड़ा एयर कानकार्स का निर्माण कम्पोजिट स्टील स्ट्रक्चर विथ रूफिंग एन्ड एलाइड वर्क के तहत होना है। एयर कानकार्स का निर्माण हो जाने के बाद यात्री एक्सीलेटर और लिफ्ट की मदद से एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक आसानी से आ जा सकेंगें। योजना कुल 12 एक्सीलेटर और 6 लिफ्ट की स्थापना की है।
वर्ष 2018 में रामनगरी अयोध्या के रेलवे स्टेशन को श्री राम मंदिर के मॉडल पर अंतर्राष्टीय स्तर की सुख-सुविधाओं और मानकों के अनुरूप बनाने के लिए केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय ने कार्य शुरू कराया था। पहले चरण में होने वाले कार्य के लिए पहले 131 करोड़ का बजट आगणित किया गया था, जिसको बाद में 240 करोड़ कर दिया गया था। फिर रेलवे स्टेशन के द्वितीय चरण के विकास के लिए 350 करोड़ का प्रस्ताव हुआ और इसी बजट से अयोध्या रेलवे स्टेशन पर देश का सबसे बड़ा एयर कानकार्स का निर्माण कराने की योजना बनाई गई। योजना के मुताबिक यह एयर कानकार्स रेलवे स्टेशन के एक से पांच तक के प्लेटफार्म को जोड़ेगा, हालाँकि अभी पहले चरण में प्लेटफार्म नंबर एक से तीन का ही निर्माण हो पाया है।
अप्रैल तक पूरा हो पाएगा निर्माण
रेल इण्डिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) की ओर से प्रस्तावित एयर कानकार्स के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है जो इसी माह 31 जुलाई को खुलना है। हलांकि मेन टेंडर और टेक्नीकल विड खुलने और प्रक्रिया को पूरा करने में समय लगेगा। राइट्स की ओर से एयर कॉनकोर्स निर्माण के लिए 8 माह की मियाद तय की है और कार्यक्रम के मुताबिक 20 अगस्त को लेटर आफ इंडेंट जारी होना है। अगले वर्ष जनवरी माह के तीसरे सप्ताह में निर्माणाधीन भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला को विराजमान होना है और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में संपन्न होने वाले इस कार्यक्रम के साथ ही तमाम योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी प्रस्तावित है, लेकिन एयर कॉनकोर्स का निर्माण अगले वर्ष अप्रैल तक पूरा हो पाएगा। उम्मीद है कि पीएम के हाथों रेलवे स्टेशन के पहले चरण के कार्यों का ही लोकार्पण हो पाएगा।
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