बरेली: परिषदीय स्कूलों में हुआ जलभराव, संकट में कैसे हो पढ़ाई...नहीं पहुंच पा रहे बच्चे
फोटो- सुफीटोला स्थित प्राथमिक स्कूल में बारिश से हुए जलभराव।
बरेली, अमृत विचार। परिषदीय स्कूलों में जलभराव से बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ गया है। जलनिकासी न होने से कुछ स्कूलों में बरसात का पानी अभी तक निकला नहीं है। ऐसे शिक्षकों को बच्चों को सुरक्षित जगह पर बैठाने और उन्हें पढ़ाने में परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। कुछ स्कूलों में बारिश के दिनों में बच्चे आते ही नहीं हैं। फिलहाल, विभाग के पास समस्या के स्थाई समाधान के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। जलभराव के चलते संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है।
घुटने तक भरा पानी, स्कूल का रास्ता जलमग्न
हजियापुर स्थित प्राथमिक स्कूल में करीब 146 बच्चे पंजीकृत हैं। एक दिन पहले हुई बारिश के कारण स्कूल में घुटने तक पानी भर गया है। कायाकल्प योजना के तहत स्कूल में कार्य कराए गए थे, लेकिन बच्चों को दुश्वारियां जस की तस बनी हुई हैं।
बुधवार को स्कूल में एक भी बच्चा नहीं पहुंचा। स्कूल मार्ग सहित पूरे परिसर में पानी भरा था। प्रधानाध्यापक दुर्गेश बाबू इस समस्या से अधिकारों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है। प्रधानाचार्य बताते हैं जलनिकासी को लेकर कोई ठोस प्रबंध नहीं। बारिश के बाद भी पानी भरा रहता है।
बेबस बच्चे, जाएं तो कहां
नेकपुर चीनी मिल स्थित प्राथमिक स्कूल का हाल भी इन दिनों बेहाल है। महज दो कमरों के स्कूल में 55 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल में बारिश के चलते जलभराव है। स्कूल आने जाने वाले मुख्य मार्ग भी पानी भरा है। स्कूल में पढ़ने वाले नौनिहाल और शिक्षक मजबूरन स्कूल के पीछे के रास्ते से आते जाते हैं।
सुबह 8 से 2 बजे तक लगने वाले स्कूल में बच्चों के खेलने के लिए पूरे परिसर में कोई जगह नहीं बची है। पूरा परिसर बारिश के चलते जलमग्न हो गया है। प्रधानाध्यापक निधि का कहना है कि आए दिन विभागीय अधिकारी स्कूल का निरीक्षण करते हैं मगर समस्या का स्थाई समाधान आज तक नहीं हो पाया है।
स्कूल में जलभराव , शिक्षण कार्य ठप
सुफीटोला स्थित प्राथमिक स्कूल में बारिश के चलते 3 फुट पानी भरा हुआ है। आधे से अधिक बच्चे मुख्य मार्ग पर जलभराव के चलते स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। स्कूल स्टाफ के अनुसार इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्र भेजा जा चुका है, मगर अभी तक हालात नहीं सुधरे हैं।
एनई रेलवे के स्कूल में दीवार से रिस रहा पानी
एनई रेलवे स्थित प्राथमिक स्कूल में 10 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां कक्षों में बारिश के दौरान दीवार से पानी का रिसाव होता है। नतीजतन, पूरे कमरे में नमी के चलते संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। प्रधानाचार्य आमिर अली खां बताते हैं कि रेलवे के अंतर्गत भवन की बिक्री हो चुकी है। ऐसे में यहां पंजीकृत बच्चों को जल्द ही जरूरत पड़ने पर दूसरे नजदीक के स्कूलों में शिफ्ट किया जाना है।
बीईओ कार्यालय के स्कूल में टपकता है पानी
कालीबाड़ी स्थित प्राथमिक स्कूल परिसर में नगर के खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय भी संचालित होता है। जर्जर कमरों में जगह - जगह से जल रिसाव होता है। बच्चों को हटाकर दूसरे स्थान पर बैठाना पड़ता है।
स्कूलों की रिपोर्ट तैयार कर उठाए जाएंगे ठोस कदम
नगर के ऐसे स्कूल जहां जलभराव और रिसाव हो रहा है। वंहा का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जल्द से जल्द तैयार रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों में जलभराव पर रोक लगाने की दिशा में कार्य कराया जाएगा---तौसीफ अनवर , बीईओ।
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